Loan Default: क्या EMI नहीं भरने पर बैंक आपका मोबाइल नंबर बंद कर सकता? जानिए RBI के नियम और सच्चाई - Haribhoomi

Published on 12 जुल॰ 2026

लोन की ईएमआई नहीं भरने पर बैंक आपका मोबाइल नंबर बंद नहीं कर सकता,क्योंकि रिजर्व बैंक का ऐसा कोई नियम नहीं है। बैंक केवल कानूनी तरीके से रिकवरी कर सकते हैं और डिफॉल्ट की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को दे सकते हैं।

bank default loan

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  • Published: 12 Jul 2026, 07:10 PM IST
  • Last Updated: 12 Jul 2026, 07:10 PM IST

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई संदेश वायरल हो रहे, जिनमें दावा किया जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति समय पर लोन की ईएमआई नहीं चुकाता, तो बैंक उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक या बंद करवा सकता।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के लिए ऐसे संदेश चिंता बढ़ाने वाले हो सकते। लेकिन सच्चाई यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक का कोई भी नियम बैंकों या एनबीएफसी को ऐसी कार्रवाई की अनुमति नहीं देता।

बैंक किसी का फोन नंबर बंद नहीं करा सकता
विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक या कोई भी लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्था केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही बकाया राशि की वसूली कर सकती। वे ग्राहक को भुगतान की याद दिला सकते, बकाया ईएमआई की सूचना भेज सकते हैं, डिफॉल्ट की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को दे सकते और जरूरत पड़ने पर कानूनी रिकवरी शुरू कर सकते। लेकिन वे किसी भी टेलीकॉम कंपनी को ग्राहक का मोबाइल नंबर बंद करने या सेवा निलंबित करने का निर्देश नहीं दे सकते।

दरअसल, मोबाइल सेवाएं दूरसंचार नियमों के तहत संचालित होती हैं। इन पर केवल संबंधित टेलीकॉम कंपनियों और नियामक संस्थाओं का अधिकार होता है। बैंक और एनबीएफसी के पास किसी भी ग्राहक का मोबाइल कनेक्शन बंद कराने का कानूनी अधिकार नहीं।

बैंक लोन नहीं चुकाने पर रिकवरी शुरू कर सकता
RBI ने भी साफ किया है कि लोन रिकवरी की प्रक्रिया निष्पक्ष और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। यदि बैंक रिकवरी एजेंट नियुक्त करते हैं, तो उनके व्यवहार की जिम्मेदारी भी बैंक की होती है। धमकी देना, डराना-धमकाना या झूठी जानकारी देकर दबाव बनाना रिजर्व बैंक की फेयर प्रैक्टिस कोड के खिलाफ माना जाता है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि लोन डिफॉल्ट का कोई असर नहीं पड़ता। यदि कोई व्यक्ति समय पर ईएमआई नहीं भरता है तो उसे लेट फीस और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता। साथ ही उसका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता, जिससे भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी हो सकती। लगातार डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक कानूनी रिकवरी प्रक्रिया भी शुरू कर सकते हैं, लेकिन मोबाइल नंबर ब्लॉक करना उन अधिकारों में शामिल नहीं है।

अगर किसी ग्राहक को ऐसा संदेश या कॉल मिले जिसमें मोबाइल नंबर बंद करने की धमकी दी जाए, तो घबराने की बजाय सबसे पहले बैंक के कस्टमर केयर या शिकायत निवारण से इसकी पुष्टि करनी चाहिए। ऐसे संदेशों का स्क्रीनशॉट या रिकॉर्ड अपने पास रखना भी उपयोगी हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आर्थिक परेशानी के कारण EMI चुकाने में दिक्कत हो रही है, तो बैंक से समय रहते संपर्क कर लोन री-स्ट्रक्चरिंग या भुगतान की नई व्यवस्था पर चर्चा करनी चाहिए। समय पर बातचीत करने से समस्या का समाधान निकल सकता है और अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा सकता है।

(प्रियंका कुमारी)