बिहार पुलिस हवलदार परीक्षा पेपर लीक: बायोमीट्रिक सुपरवाइजर निकला मास्टरमाइंड, EOU ने तीन आरोपियों को दबोचा - Haribhoomi

Published on 1 अग॰ 2026

बिहार पुलिस हवलदार अनुदेशक परीक्षा पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ा खुलासा किया है। बायोमीट्रिक सुपरवाइजर ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला है, जिसे तीन आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।

Bihar Police Havaldar exam paper leak EOU arrest, biometric supervisor Nitesh Kumar

बिहार पुलिस हवलदार परीक्षा पेपर लीक: बायोमीट्रिक सुपरवाइजर निकला मास्टरमाइंड, EOU ने तीन आरोपियों को दबोचा

  • Published: 01 Aug 2026, 06:18 PM IST
  • Last Updated: 01 Aug 2026, 06:18 PM IST

Bihar Police Havaldar exam paper leak: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा गृह रक्षा वाहिनी में 'हवलदार अनुदेशक' पद के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में ईओयू ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान पटना जिले के बिक्रम के रहने वाले 25 वर्षीय राज समदर्शी उर्फ राजा, हाजीपुर के 21 वर्षीय अभिषेक कुमार और वैशाली के नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले 28 वर्षीय नितेश कुमार के रूप में हुई है।

बायोमीट्रिक सुपरवाइजर ने मोबाइल पर भेजे थे आंसर्स
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि इस पूरी धांधली का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि परीक्षा केंद्र पर तैनात बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार ही निकला। आरोपी नितेश परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर था और उसने अपने मोबाइल से उत्तर तैयार कर सीधे राज समदर्शी तक पहुंचाए थे।

ईओयू के मुताबिक, 29 जुलाई को हाजीपुर के एक स्कूल के पास से सबसे पहले राज समदर्शी को पकड़ा गया था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाने की बात स्वीकार की और अपने साथी अभिषेक कुमार का नाम भी सामने ला दिया। दोनों आरोपियों के मोबाइल की गैलरी से कई एडमिट कार्ड और आंसर शीट की तस्वीरें बरामद की गईं, जिन्हें परीक्षा के दिन दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर भेजा गया था।

पुरानी परीक्षाओं में भी कर चुका था गड़बड़ी
गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी राज समदर्शी ने पूछताछ के दौरान एक और बड़ा सनसनीखेज खुलासा किया। उसने बताया कि उसने इससे पहले अप्रैल 2026 में आयोजित हुई एईडीओ (AEDO) की परीक्षा में भी इसी तरह से गड़बड़ी और धांधली की थी।

उसने यह भी कबूल किया कि हवलदार अनुदेशक परीक्षा में भी बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश के जरिए ही उसके पास उत्तर (आंसर्स) पहुंचाए गए थे। इस अहम जानकारी के सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने इन तीनों आरोपियों के अलावा चार अन्य नामजद लोगों के खिलाफ 30 जुलाई को एक नई एफआईआर दर्ज कर ली है।

29 जुलाई को हुई थी परीक्षा, आगे की जांच जारी
बता दें कि बिहार पुलिस गृह रक्षा संवर्ग के तहत हवलदार अनुदेशक भर्ती परीक्षा पूरे राज्य में 29 जुलाई को आयोजित की गई थी। इस मामले में हाजीपुर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

फिलहाल, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) इस पूरे पेपर लीक रैकेट और सिंडिकेट की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं, ताकि उन पर भी जल्द से जल्द कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके।