Explainer: विदेशी पानी, फाइव स्टार शेफ और लग्जरी वैनिटी... कैसे बॉलीवुड स्टार्स के नखरे मेकर्स की जेब कर रहे हैं खाली?

Published on 21 जुल॰ 2026

Why Bollywood Stars Do Expensive Demands: बॉलीवुड फिल्मों का आजकल बजट लगातार बढ़ रहा है, हालांकि, इसकी वजह सिर्फ स्टार कास्ट फीस या फिल्म पर खर्च होने वाला पैसा नहीं है. फिल्म के स्टार्स विदेशी पानी, फाइव स्टार शेफ, लग्जरी वैनिटी और पर्सनल स्टाफ जैसी डिमांड्स पर भी प्रोड्यूसर के करोड़ों रुपये खर्च कराते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे ये नखरे फिल्मों की क्वालिटी और मेकर्स की कमाई पर असर डालते हैं.

Why Bollywood Stars Do Expensive Demands: बॉलीवुड फिल्मों का आजकल बजट लगातार बढ़ रहा है, हालांकि, इसकी वजह सिर्फ स्टार कास्ट फीस या फिल्म पर खर्च होने वाला पैसा नहीं है. फिल्म के स्टार्स विदेशी पानी, फाइव स्टार शेफ, लग्जरी वैनिटी और पर्सनल स्टाफ जैसी डिमांड्स पर भी प्रोड्यूसर के करोड़ों रुपये खर्च कराते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि कैसे ये नखरे फिल्मों की क्वालिटी और मेकर्स की कमाई पर असर डालते हैं.

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Photograph: (Ai Generated Image)

Why Bollywood Stars Do Expensive Demands:  बॉलीवुड फिल्मों में जब कोई सुपरस्टार पर्दे पर दमदार एंट्री करता है या शानदार विदेशी लोकेशन पर डांस करता नजर आता है तो लोगों के सिर्फ उसकी चनक धमक नजर आती है. लेकिन दर्शक कैमरे के पीछे एक ऐसी दुनिया से अंजान रहता है. जिस पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं.इन खर्चों का बड़ा हिस्सा फिल्म की स्टोरी, वीएफएक्स या टेक्नॉलॉजी पर नहीं, बल्कि स्टार्स की अपनी फैसिलिटी खर्च हो जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है. जब कई बड़े प्रोड्यूसर्स ने खुलासा किया कि आज फिल्मों का बजट सिर्फ कलाकारों की फीस की वजह से नहीं बढ़ रहा, बल्कि उनके पर्सनल खर्चों की वजह से बढ़ रहा है जो एक बड़ी परेशानी कारण भी है. इंडस्ट्री में इसे इन्हीं खर्चों को 'टेंट्रम टैक्स' या 'पर्सनल स्टाफ कॉस्ट' कहा जाने लगा है. यानी ऐसा खर्चे, फिल्म बनाने में नहीं बल्कि कलाकार अपने ऊपर खर्च कराते हैं. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

एक स्टार के साथ चलता है पूरा काफिला

एक समय था जब किसी एक्टर के साथ सिर्फ एक मैनेजर और एक स्पॉटबॉय हुआ करता था. लेकिन अब हालात पूरी तरह चैंज चुके हैं. आज कई बड़े स्टार्स सेट पर पूरा काफिला लेकर पहुंचते हैं.  इस टीम में पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट, हेयर स्टाइलिस्ट, स्टाइलिस्ट, उनका असिस्टेंट, पर्सनल ट्रेनर, डाइट एक्सपर्ट, पर्सनल शेफ, चार-पांच बॉडीगार्ड और दो-तीन स्पॉटबॉय तक शामिल होते हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इनकी फीस अक्सर प्रोड्यूसर से ही वसूली जाती है. इंडस्ट्री से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ एक पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट की एक दिन की फीस हजारों रूपये में होती है. इसके साथ अगर बाकी स्टाफ की फीस जोड़ी जाए तो वो लाखों में पहुंच जाती है.इससे मेकर्स की जेब पर बड़ा असर पड़ता है.

फाइव स्टार होटल से लेकर विदेशी पानी की डिमांड

आज कई बड़े स्टार सेट आने वाला नॉर्मल खाना नहीं खाते हैं. वह शहर के सबसे महंगे फाइव स्टार होटल से अलग खाना मंगाने की डिमांड भी करते हैं. कहा जाता है कि कुछ स्टार्स तो सिर्फ अपने पर्सनल शेफ का बनाया हुआ खाना पसंद करते हैं.  कई बार उनके डाइट प्लान में एवोकाडो, कीनोआ, विदेशी फल या दूसरी महंगी चीजें भी होती है. इन सब चीजों में अक्सर बाहर से मंगवाया जाता है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. पानी के मामले में भी कुछ सितारों की पसंद अलग होती है. कई नॉर्मल पानी नहीं पीते हैं. इसकी जगह वे विदेशी पीना पसंद करते हैं. इसकी एक बोतल की कीमत 500 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक हो सकती है. अगर शूटिंग किसी दूर-दराज इलाके हो रही होती है, तब भी कलाकार इसकी डिमांड करते हैं. 

लग्जरी वैनिटी वैन बन गई स्टेटस सिंबल

बॉलीवुड में एक टाइम था जब वैनिटी वैन का यूज सिर्फ कपड़े बदलने और मेकअप करने के लिए होता था. लेकिन अब कई बड़े स्टार के लिए यह उनकी पहचान और स्टेटस बन चुकी है. आज की लग्जरी वैनिटी किसी फाइव स्टार होटल के कमरे से कम नहीं होतीं. इन वैनिटी में बेडरूम, सोफा, प्राइवेट मीटिंग स्पेस, हाई-स्पीड इंटरनेट, सैटेलाइट टीवी, मेकअप रूम, मिनी जिम और दूसरी कई फैसिलिटी मौजूद रहती हैं.इस तरह की लग्जरी वैनिटी वैन को खास तौर पर कलाकारों की पसंद के मुताबिक तैयार कराया जाता है. इंडस्ट्री में कई बार ऐसी बातें निकलकर सामने आईं जब एक ही फिल्म में दो बड़े सितारे काम करते हैं तो उनकी वैनिटी को लेकर भी कंपैरिजन होने लगती है. अगर किसी बड़े स्टार को लगता है कि दूसरे स्टार की वैनिटी ज्यादा लग्जरी है तो कई बार उसी तरह की सुविधा मांग जाती है. इससे प्रोडक्शन पर बहुत ज्यादा खर्च बढ़ जाता है. बताया जाता है कि कई मौकों पर शूटिंग शुरू होने तक में भी देरी होती है, जिसका सीधा मेकर्स पर पड़ता है.

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