Face Value क्या होती है? फेस वैल्यू, मार्केट वैल्यू और बुक वैल्यू में समझे अंतर

Published on 4 अग॰ 2026

'फेस वैल्यू' (Face Value), 'मार्केट वैल्यू' (Market Value) और 'बुक वैल्यू' (Book Value) जैसे शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं और सही समय पर सही फैसले लेने के लिए इन्हें समझना बहुत जरूरी है.

Published byJyoti Singh

'फेस वैल्यू' (Face Value), 'मार्केट वैल्यू' (Market Value) और 'बुक वैल्यू' (Book Value) जैसे शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं और सही समय पर सही फैसले लेने के लिए इन्हें समझना बहुत जरूरी है.

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Face Value

Face Value Photograph: (magnific)

स्टॉक मार्केट में आने वाले नए निवेशकों को अपना पैसा लगाने से पहले कुछ जरूरी कॉन्सेप्ट्स के बारे में जान लेना चाहिए. 'फेस वैल्यू' (Face Value), 'मार्केट वैल्यू' (Market Value) और 'बुक वैल्यू' (Book Value) जैसे शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं और सही समय पर सही फैसले लेने के लिए इन्हें समझना बहुत जरूरी है. नए लोगों के लिए इन शब्दों के बीच का फर्क समझना मुश्किल हो सकता है. इसलिए आज यहां हम 'फेस वैल्यू' के कॉन्सेप्ट को समझा रहे हैं ताकि आप जान सकें कि यह क्या है 'मार्केट वैल्यू' से यह कैसे अलग है और यह क्यों जरूरी है.

Face Value क्या होती है?

"फेस वैल्यू" (Face Value) स्टॉक मार्केट का एक अहम शब्द है जिसका इस्तेमाल किसी कंपनी के शेयरों की ओरिजिनल या बताई गई कीमत बताने के लिए किया जाता है. इसे "नॉमिनल वैल्यू" (Nominal Value) या "पार वैल्यू" (Par Value) भी कहा जाता है. इसका संबंध डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट जैसे कॉर्पोरेट एक्शन से भी हो सकता है.

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Face Value और Market Value में क्या अंतर है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं. अगर किसी कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है, तो कंपनी के रिकॉर्ड में ₹10 को ही उस शेयर की असली कीमत माना जाता है. हालांकि फेस वैल्यू मार्केट प्राइस से अलग होती है. उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है लेकिन स्टॉक मार्केट में वह शेयर ₹500 पर ट्रेड कर रहा है तो उसका मार्केट प्राइस ₹500 होगा. शेयर का मार्केट प्राइस इन्वेस्टर्स की डिमांड, कंपनी के परफॉर्मेंस, मार्केट की स्थितियों और कई अन्य कारणों से लगातार बदल सकता है जबकि फेस वैल्यू मार्केट में होने वाले आम उतार-चढ़ाव के साथ नहीं बदलती रहती है. 

Face Value क्यों महत्वपूर्ण होती है?

डिविडेंड की गणना कैसे की जाती है यह समझने में फेस वैल्यू बहुत मददगार हो सकती है. स्टॉक स्प्लिट के दौरान कोई कंपनी अपने शेयरों की फेस वैल्यू कम कर सकती है. इसके अलावा कंपनी की शेयर कैपिटल की गणना करने के लिए फेस वैल्यू का इस्तेमाल किया जाता है. इसे स्टॉक स्प्लिट और कुछ अन्य कॉर्पोरेट कार्यों से जुड़ी जानकारी को समझने के लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता है. 

Face Value और Book Value में क्या अंतर है?

फेस वैल्यू किसी शेयर की वह शुरुआती कीमत है जिसे कंपनी तय करती है, जबकि बुक वैल्यू पर शेयर की गणना कंपनी की नेट एसेट वैल्यू के आधार पर की जाती है. आसान शब्दों में कहें तो बुक वैल्यू शेयरधारकों के हिस्से की नेट वैल्यू को दिखाती है जिसे एसेट्स (संपत्ति) में से लायबिलिटीज घटाकर निकाला जाता है और इसे प्रति शेयर के आधार पर बताया जाता है. इसलिए जो लोग पहले यह सोचते थे कि फेस वैल्यू और बुक वैल्यू एक ही चीज हैं असल में ऐसा नहीं है. 

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क्या कम Face Value वाला शेयर सस्ता होता है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए कि एक शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है और मार्केट प्राइस ₹2,000 है, जबकि दूसरे शेयर की फेस वैल्यू ₹10 और मार्केट प्राइस ₹200 हो सकती है. इसलिए कम फेस वैल्यू का इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कोई शेयर सस्ता है या महंगा. 

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.