फेसबुक ने AI-जनरेटेड फेक प्रोफाइल्स और बॉट्स से निपटने के लिए एक नया 'Facebook Verified' बैज रोलआउट करना शुरू कर दिया है, जो सभी आम यूजर्स के लिए बिल् ...और पढ़ें

Facebook लाया नया वेरिफिकेशन फीचर।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। फेसबुक ये पहचानने में यूजर्स की मदद करने का एक नया तरीका पेश कर रहा है कि वे किसी असली इंसान के साथ बातचीत कर रहे हैं या AI-जनरेटेड प्रोफाइल के साथ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने 'Facebook Verified' लॉन्च किया है, जो एक फ्री वेरिफिकेशन बैज है जिसे यूजर्स एक सेल्फी वीडियो चेक पूरा करके हासिल कर सकते हैं। ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स ने फेक प्रोफाइल्स, रियलिस्टिक इमेजेस और ऑटोमेटेड बातचीत बनाना काफी आसान बना दिया है। फेसबुक का कहना है कि नए बैज का मकसद ऑनलाइन बातचीत को ज्यादा भरोसेमंद बनाना है, खासकर उन जगहों पर जहां यूजर्स अनजान लोगों से जुड़ते हैं।
ट्रेडिशनल वेरिफिकेशन बैज (जो अक्सर पब्लिक फिगर्स या पेड सब्सक्रिप्शन से जुड़े होते हैं) के उलट, Facebook Verified को आम यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। बैज पाने के लिए, एलिजिबल यूजर्स को एक छोटा सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करना होगा। फेसबुक ये कन्फर्म करने के लिए वीडियो की तुलना प्रोफाइल पर मौजूद फोटो से करेगा कि अकाउंट किसी असली इंसान का ही है।

ये वेरिफिकेशन प्रोसेस बिल्कुल फ्री है और इसमें आमतौर पर केवल कुछ मिनट लगते हैं। हालांकि, यूजर्स को फेसबुक की ट्रस्ट और सेफ्टी जरूरतों को पूरा करना होगा, जिसमें फ्रॉड, स्कैम या दूसरे धोखेबाजी वाले बिहेवियर का कोई पुराना रिकॉर्ड न होना शामिल है। ये फीचर फिलहाल 18 साल और उससे ज्याादा उम्र के उन यूजर्स के लिए उपलब्ध है जिनके अकाउंट्स सही स्थिति में हैं। Facebook Verified Pages या प्रोफेशनल मोड का इस्तेमाल करने वाली प्रोफाइल्स के लिए उपलब्ध नहीं होगा।
एक बार अकाउंट वेरीफाई हो जाने के बाद, यह बैज उन जगहों पर दिखाई देगा जहां व्यक्ति की पहचान जानना सबसे ज्यादा मायने रखता है। यूजर्स इस बैज को प्रोफाइल्स, Facebook Marketplace लिस्टिंग्स, Dating प्रोफाइल्स और Groups में देख सकेंगे। फेसबुक की योजना भविष्य में फीड पोस्ट्स तक भी इस बैज की विजिबिलिटी बढ़ाने की है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स को सिर्फ एक बार वेरिफिकेशन पूरा करना होगा, जिसके बाद बैज बिना किसी सब्सक्रिप्शन चार्ज के फेसबुक के सपोर्टेड सेक्शन्स में दिखाई देगा। उदाहरण के लिए, Marketplace लिस्टिंग ब्राउज करने वाला, Dating पर किसी संभावित मैच से बातचीत करने वाला या Group में चर्चा में शामिल होने वाला व्यक्ति ये देख सकेगा कि अकाउंट ओनर ने ह्यूमन वेरिफिकेशन पूरा किया है या नहीं।
वेरीफाइड बैज गारंटीड ट्रस्ट की गारंटी नहीं देता
हालांकि बैज इस बात की पुष्टि करता है कि अकाउंट किसी असली व्यक्ति का है, लेकिन फेसबुक ने साफ किया है कि इसका मतलब ये नहीं है कि प्लेटफॉर्म उस यूजर का समर्थन करता है या उसके व्यवहार की गारंटी देता है। वेरीफाइड अकाउंट्स को भी फेसबुक के कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स और कॉमर्स पॉलिसीज का पालन करना होगा। एक असली इंसान भी प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन कर सकता है और वेरिफिकेशन सुरक्षा की गारंटी के तौर पर काम नहीं करता है।
फेसबुक ने कहा, 'Facebook Verified बैज का मतलब है कि एक प्रोफाइल किसी असली इंसान की है- जिसने सेल्फी वेरिफिकेशन पूरा किया है और हमारे ट्रस्ट एंड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरता है।'
Facebook Verified को धीरे-धीरे पेश किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत चुनिंदा मार्केट्स से हुई है और बाद में इसे ग्लोबली दूसरे क्षेत्रों में बढ़ाया जाएगा। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे AI-जनरेटेड कंटेंट और प्रोफाइल्स आम होते जा रहे हैं, यूजर्स को असली लोगों और आर्टिफिशियल अकाउंट्स के बीच अंतर करने के लिए एक सरल तरीके की जरूरत है।