मंदसौर विधायक का थाने के बाहर प्रदर्शन: भाई पर FIR के विरोध में नारेबाजी, बोले- TI को भाजपा के चमचे बचा रहे; ईश्वर सब देख रहा - Mandsaur News

Published on 14 अक्टू॰ 2026

मंदसौर के दलौदा में सरपंच दुर्गा कैथवास और विधायक विपिन जैन के परिवार के बीच विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। बुधवार शाम विधायक विपिन जैन की अगुवाई में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने दलौदा थाने का घेराव किया।

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विधायक के भाई नितिन जैन पर SC-ST एक्ट में FIR दर्ज होने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। विधायक ने खुद थाने के बाहर 'सरपंच चोर है, सरपंच चोर है' के नारे लगाए।

शाम करीब 5 बजे शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान विधायक विपिन जैन पुलिस पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उग्र नजर आए।

उन्होंने टीआई को लेकर कहा- अभी तो TI को BJP के चमचे बचा रहे हैं। लेकिन ईश्वर नहीं बचाएगा। यह मेरी गारंटी है। विधायक ने कहा- पहले एक टीआई को उन्होंने बद्दुआ दी थी। वह 'कुत्ते की मौत मरा है।

मंदसौर विधायक का थाने का बाहर प्रदर्शन।

मंदसौर विधायक का थाने का बाहर प्रदर्शन।

भाई पर FIR के विरोध में नारेबाजी की।

भाई पर FIR के विरोध में नारेबाजी की।

प्रदर्शन अभी भी जारी

विधायक ने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि ईश्वर सब देख रहा है। भाजपा के लोग भी पुलिसकर्मियों को नहीं बचा पाएंगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा के खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई। विधायक के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता नितिन जैन के खिलाफ दर्ज FIR का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन फिलहाल जारी है।

सरपंच की शिकायत पर भाई नितिन के खिलाफ FIR

दरअसल, 28 सितंबर को EOW उज्जैन की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में दलौदा सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास को पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान नितिन जैन द्वारा सरपंच को 'चोर' कहकर नारेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद सरपंच दुर्गा कैथवास ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि EOW की कार्रवाई के बाद घर लौटते समय नितिन जैन और उनके साथियों ने उन्हें और उनके पति को जातिसूचक गालियां दीं। जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर नितिन जैन और अन्य के खिलाफ SC-ST एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है।

प्रमाण पत्र के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

वहीं, सीतामऊ तहसील के मुवाला निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत की थी कि उनके पिता तखत सिंह ने दलौदा पंचायत क्षेत्र में भूखंड खरीदा था।

नामांतरण के बाद निर्माण अनुमति से संबंधित पंचायत प्रमाण पत्र बैंक से लोन लेने के लिए जरूरी था। आरोप था कि प्रमाण पत्र देने के बदले 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।

सत्यापन के दौरान 4 हजार रुपए की राशि तय हुई। इसमें से 500 रुपए पहले दिए जा चुके थे। शेष 3500 रुपए लेते समय EOW की टीम ने सरपंच और उनके पति को पकड़ लिया था।

अब इसी कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद FIR और राजनीतिक प्रदर्शन तक पहुंच गया है। बुधवार शाम को थाने के घेराव के दौरान विधायक ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

बहरहाल प्रदर्शन अभी जारी है और प्रदर्शनकारी विधायक के भाई नितिन पर दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।