Former CM Pinarayi Vijayan News: पूर्व मुख्यमंत्री और बेटी के खिलाफ होगी FIR, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश, आप भी जानें क्या है पूरा मामला | IBC24

Published on 9 अक्टू॰ 2026

Former CM Pinarayi Vijayan News: कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता और केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को बड़ा झटका देते हुए कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को उनके एवं अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का शुक्रवार को निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दी गई जानकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध किए जाने का पता चलता है।

क्या कहा अदालत ने?

न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने कहा कि ईडी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में पर्याप्त प्रारंभिक साक्ष्य हैं, जिनसे विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और वीणा के पति एवं माकपा विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संज्ञेय अपराध किए जाने का प्रथम दृष्टया पता चलता है। अदालत ने कहा, ‘‘जब दर्ज किए गए बयानों और प्राप्त दस्तावेजों सहित उपलब्ध जानकारी से उसमें उल्लिखित व्यक्तियों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध किए जाने का पता चलता है, तो मामले में आगे प्रारंभिक जांच करना पूरी तरह अनावश्यक है।’’ अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की रिपोर्ट में सीधे प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। (Former CM Pinarayi Vijayan News)

अदालत ने कहा, ‘‘इस प्रकार, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आगे किसी जांच की आवश्यकता नहीं है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत दी गई जानकारी में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य पुलिस के लिए प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है और किसी अन्य प्रारंभिक जांच की गुंजाइश नहीं है।’’ अदालत का यह आदेश राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के लिए भी झटका है क्योंकि उच्च न्यायालय ने ईडी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के सरकार के फैसले को ‘‘अवैध’’ करार देते हुए रद्द कर दिया।

हाईकोर्ट ने रद्द किया सरकार का फैसला

Former CM Pinarayi Vijayan News: न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने कहा, ‘‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज किए बिना ईडी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए विशेष दल गठित करने का सरकार का फैसला अवैध है इसलिए इसे रद्द किया जाता है।’’ अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की ओर से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को दी गई जानकारी में नोटबुक और डायरी के अलावा कई गवाहों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के बयान सहित पर्याप्त सामग्री मौजूद है। अदालत ने तिरुवनंतपुरम स्थित सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के निदेशक को निर्देश दिया कि वह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी से मिली जानकारी के आधार पर उसकी रिपोर्ट में नामजद संदिग्धों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज करें। अदालत ने बिना किसी देरी के प्राथमिकी दर्ज करने तथा वीएसीबी के सक्षम अधिकारियों से आरोपों की जांच कराकर जल्द से जल्द अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया।

उच्च न्यायालय ने डीजीपी को दिए निर्देश

उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) या विशेष जांच दल का प्रमुख, जिसके पास ईडी की ओर से दी गई जानकारी है, प्राथमिकी दर्ज करने के लिए उसे तत्काल वीएसीबी को सौंपे। अदालत ने कहा, ‘‘इस संबंध में ईडी को निर्देश दिया जाता है कि वह सभी आवश्यक दस्तावेज तत्काल तीसरे प्रतिवादी (वीएसीबी) को सौंपे। तीसरा प्रतिवादी प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है।’’  न्यायमूर्ति बदरुद्दीन ने ये निर्देश अधिवक्ता के. एम. शाहजहां की याचिका स्वीकार करते हुए दिए। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि पुलिस को प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर प्रारंभिक जांच करने के बजाय प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। ईडी ने अदालत में दावा किया था कि राज्य पुलिस को सौंपी गई उसकी रिपोर्ट के आधार पर विजयन, वीणा और रियास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा था कि एजेंसी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसके लिए प्रारंभिक जांच जरूरी है। (Former CM Pinarayi Vijayan News)

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच और छापेमारी के दौरान जुटाए गए ‘‘सबूतों’’ के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल ने ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परामर्श सेवाओं’’ की आड़ में वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को फर्जीवाड़ा करके 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

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