अलीगढ़ के गंगीरी में चरित्र पर शक के चलते पति और ससुर ने महिला की हत्या कर शव काली नदी में बहा दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अलीगढ़ हत्याकांड
- Published: 12 Aug 2026, 04:41 PM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 05:14 PM IST
अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के गंगीरी थाना क्षेत्र में महिला की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि चरित्र पर संदेह के चलते पति और ससुर ने मिलकर महिला की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के लिए उसके शव को काली नदी में बहा दिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि शव की तलाश के लिए गोताखोरों और एनडीआरएफ की मदद ली जा रही है।
भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
यह पूरा मामला 8 जुलाई 2026 को सामने आया था, जब मृतका के भाई ने गंगीरी थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी बहन को ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, और बाद उसे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब कर दिया गया है। भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 85, 115(2) और 140(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
पूछताछ में टूटा आरोपियों का झूठ और शव को नदी में फेंकने का खुलासा
जांच के दौरान पति महेश चंद्र शर्मा और ससुर वीरेंद्र प्रसाद लगातार पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्हें महिला के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उन्होंने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को घर से लगभग 700-800 मीटर दूर स्थित काली नदी में प्रवाहित कर दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस अमानवीय कृत्य में महिला के बड़े बेटे और देवर ने भी शव को नदी तक पहुंचाने में मदद की थी।
मोबाइल बरामद और नदी में तलाश जारी
10 अगस्त 2026 को थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज कुमार, कांस्टेबल रवि बाबू और सक्षम की टीम ने मुख्य आरोपी महेश चंद्र शर्मा और वीरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घर में रखे एक बक्से से मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विवेचना के दौरान हत्या की धारा 103(1) BNS और साक्ष्य मिटाने की धारा 238 BNS भी बढ़ा दी है। घटना के करीब 45 दिन बीत जाने के बाद भी महिला का शव बरामद नहीं हो सका है, जिसके लिए पुलिस ने काली नदी में खोज अभियान तेज करने हेतु NDRF और SDRF से सहायता मांगी है। पुलिस और फोरेंसिक टीम अन्य आरोपियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।