Gen-Z Comfort : बदलते समय के साथ आज की नई पीढ़ी (Gen-Z) की सोच और जीवनशैली में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक दौर था जब फैशन का मतलब सिर्फ ट्रेंडिंग और महंगे कपड़े पहनना होता था, भले ही वे शरीर के लिए कितने भी असहज (Uncomfortable) क्यों न हों?

Gen-Z Comfort : बदलते समय के साथ आज की नई पीढ़ी (Gen-Z) की सोच और जीवनशैली में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक दौर था जब फैशन का मतलब सिर्फ ट्रेंडिंग और महंगे कपड़े पहनना होता था, भले ही वे शरीर के लिए कितने भी असहज (Uncomfortable) क्यों न हों? इसी तरह, सोशल मीडिया के शुरुआती दिनों में हर छोटी-बड़ी बात इंटरनेट पर शेयर करना एक फैशन बन गया था, लेकिन आज का युवा इन पुरानी मान्यताओं को तोड़कर एक नई राह चुन रहा है। अब Gen-Z के लिए सबसे पहली प्राथमिकता उनका खुद का आराम (Comfort) और उनकी निजता (Privacy) बन गई है।
पढ़ें :- आनेवाले लगभग 15 से 20 सालों में बिना शादी के मां बनेंगी भारतीय महिलाएं? जानिए Gen-Z का यह नया ट्रेंडफैशन में बदलाव : टाइट कपड़ों को अलविदा,’कम्फर्ट’ को अपनाया आजकल के युवाओं के वॉर्डरोब (कपड़ों के कलेक्शन) पर नज़र डालें, तो एक बात साफ नज़र आती है—अब फैशन का मतलब खुद को किसी ढर्रे में ढालना नहीं, बल्कि आजाद और सहज महसूस करना है।
ओवरसाइज़्ड स्टाइल की एंट्री: कॉलेज जाना हो, ऑफिस की मीटिंग हो या दोस्तों के साथ कैफे में बैठना हो, युवाओं की पहली पसंद ढीली-ढाली (Oversized) टी-शर्ट्स, कार्गो पैंट्स, जॉगर्स और आरामदायक स्नीकर्स बन चुके हैं।
मेंटल हेल्थ से जुड़ाव: विशेषज्ञों का मानना है कि आप जैसा पहनते हैं, वैसा ही महसूस करते हैं। जब शरीर किसी टाइट या चुभने वाले कपड़े में बंधा नहीं होता, तो दिमाग भी ज्यादा शांत और तनावमुक्त रहता है।
खुद से प्यार (Self-Love): आज की पीढ़ी बॉडी इमेज के दबाव को खारिज कर रही है। उनका मानना है कि कपड़े ऐसे होने चाहिए जो आपको खुश रखें, न कि दूसरों को इम्प्रेस करने के लिए पहने जाएं।
पढ़ें :- भीड़ में भी अकेले हैं 77% युवा! जानिए क्यों 25 के बाद अच्छे दोस्त मिलना हो जाता है नामुमकिनसोशल मीडिया और प्राइवेसी: ‘ओवर-शेयरिंग’ से दूरी डिजिटल दुनिया में ही बड़े हुए इस यूथ को अब यह भली-भांति समझ आ गया है कि इंटरनेट पर हर चीज़ शेयर करने के अपने खतरे हैं। इसलिए, वे अब अपनी पर्सनल लाइफ को सार्वजनिक करने से बच रहे हैं।
प्राइवेट अकाउंट्स और सीमित दोस्त: अब ‘पब्लिक प्रोफाइल’ की जगह ‘प्राइवेट अकाउंट्स’ या इंस्टाग्राम के ‘Close Friends’ फीचर का इस्तेमाल बढ़ गया है। अपनी निजी तस्वीरें या जिंदगी के अहम पल वे सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ बांटते हैं जिन पर वे पूरा भरोसा करते हैं। लगातार ऑनलाइन रहने और लाइक्स गिनने की होड़ से युवा अब थक चुके हैं। वे अपनी मानसिक शांति (Mental Peace) के लिए कुछ समय के लिए फोन से दूरी बनाने यानी डिजिटल डिटॉक्स को अपना रहे हैं।
अपनी लोकेशन, रिश्तों और परिवार से जुड़ी बातों को छुपाकर रखना अब उनकी समझदारी का हिस्सा बन चुका है। Gen-Z का यह नया नज़रिया दिखाता है कि वे बाहरी दुनिया के दिखावे से दूर, अपने भीतर की शांति और सहूलियत को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। फैशन से लेकर सोशल मीडिया तक, ‘कम्फर्ट’ और ‘प्राइवेसी’ ही इस पीढ़ी का सबसे नया और मजबूत ट्रेंड बन चुका है।
रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा
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