GST प्रशासन और उद्योग जगत के बीच पारदर्शी संबंध बनाने की पहल, देहरादून में हुई उच्च स्तरीय बैठक

Published on 8 सित॰ 2026

Uttarakhand News: देहरादून में जीएसटी डिपार्टमेंट (CGST) ने दो दिनों की एक अहम समीक्षा बैठक और 'जीएसटी संवाद' कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया.

Uttarakhand News: देहरादून में जीएसटी डिपार्टमेंट (CGST) ने दो दिनों की एक अहम समीक्षा बैठक और 'जीएसटी संवाद' कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया.

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Uttarakhand News: देहरादून में 7 और 8 सितंबर 2026 को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) आयुक्तालय द्वारा दो दिवसीय समीक्षा बैठक और 'जीएसटी संवाद' कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. इस खास कार्यक्रम में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), नई दिल्ली के सदस्य योगेंद्र गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने टैक्सपेयर्स और टैक्स डिपार्टमेंट के रिश्तों को मजबूत करने पर खास जोर दिया. उन्होंने कई अहम बातें कहीं, जिनका सीधा मकसद जीएसटी सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी, आसान और व्यापारियों के अनुकूल बनाना था.

'GST संवाद' कार्यक्रम मेरठ जोन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कमिश्नर रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में मेरठ जोन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सीमा शुल्क एवं सीजीएसटी जोन मेरठ के मुख्य आयुक्त नीतीश कुमार सिन्हा, सीजीएसटी देहरादून के आयुक्त डॉ. अशोक कुमार पाण्डे, ऑडिट आयुक्त नीलेश कुमार गुप्ता और अपील आयुक्त अनिल चौधरी प्रमुख थे. इनके साथ ही मेरठ जोन के अलग-अलग आयुक्तालयों के प्रधान आयुक्त, आयुक्त और अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे. 

राजस्व की समीक्षा और टैक्सपेयर्स की शिकायतों के तुरंत निपटारे पर जोर

CBIC सदस्ययोगेंद्र गर्ग ने मेरठ जोन के सभी आयुक्तालयों के रेवेन्यू और प्रशासनिक कामकाज की गहराई से समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने टैक्सपेयर्स की सुविधाओं को बेहतर बनाने और उनकी शिकायतों का तय समय में तुरंत निपटारा करने के सख्त निर्देश दिए. बैठक में मंडलों और रेंजों के पुनर्गठन और कर्मचारियों के सही तालमेल जैसे प्रमुख मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इस खास संवाद में कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स वकीलों ने हिस्सा लिया, जिनकी व्यावहारिक समस्याओं को सुनकर स्थानीय स्तर की दिक्कतों के तुरंत समाधान का भरोसा दिया गया. साथ ही, नीतिगत मामलों से जुड़े सुझावों को आगे विचार के लिए सीबीआईसी बोर्ड और वित्त मंत्रालय के पास भेजने की बात कही गई.

व्यापारियों को सशक्त और GST को पारदर्शी बनाने के लिए होंगे ऐसे कार्यक्रम

सीबीआईसी सदस्य योगेंद्र गर्ग ने कहा कि इस तरह के 'जीएसटी संवाद' टैक्सपेयर्स और टैक्स डिपार्टमेंट के बीच एक मजबूत पुल का काम करते है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों को सशक्त बनाने और जीएसटी सिस्टम को और अधिक पारदर्शी व आसान बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन आगे भी लगातार किया जाता रहेगा. उन्होंने यह साफ किया कि विभाग का मुख्य लक्ष्य टैक्स वसूलने के साथ-साथ व्यापारियों के लिए एक सहायक और पारदर्शी माहौल तैयार करना है. 

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