भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे अपने पुराने शिक्षण संस्थान कॉल्विन तालुकदार कॉलेज में छात्रों से संवाद करेंगे, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करेंगे और करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों के साथ सीधा संवाद करेंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ( फाइल फोटो )
- Published: 23 Aug 2026, 09:17 AM IST
- Last Updated: 23 Aug 2026, 09:17 AM IST
लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आ रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम लखनऊ में छात्रों, शिक्षकों, निर्वाचन अधिकारियों और बूथ स्तर के कर्मियों से सीधे जुड़ेगी। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाना और धरातल पर काम करने वाले चुनाव कर्मियों की समस्याओं व अनुभवों को समझना है।
अपने पुराने कॉलेज से करेंगे शुरुआत, छात्रों से करेंगे सीधा संवाद
दौरे के पहले दिन ज्ञानेश कुमार निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधिमंडल के साथ लखनऊ पहुंचेंगे। दोपहर में आयोग की टीम कॉल्विन तालुकदार कॉलेज जाएगी, जहां विद्यार्थियों और युवाओं से सीधा संवाद किया जाएगा। विशेष बात यह है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा इसी कॉलेज से पूरी की है।
इसके बाद वे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे, जहां निर्वाचन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चुनावी व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा होगी।
तीन चरणों में होंगे क्षेत्रीय सम्मेलन, लखनऊ से होगा आगाज
निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन तीन चरणों में लखनऊ, वाराणसी और मेरठ में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण का आयोजन लखनऊ में हो रहा है, जिसमें 20 जिलों की 120 विधानसभा सीटों के 440 शिक्षण संस्थानों से लगभग 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक और प्रधानाचार्य भाग लेंगे। इस सम्मेलन का प्रमुख केंद्र युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बारीकियों, मतदाता पंजीकरण और मतदान की समझ से जोड़ना है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 500 BLO से सीधा संवाद
दौरे के दूसरे दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मॉर्स हॉल में लखनऊ और आसपास के जिलों में तैनात करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से बातचीत करेंगे। जमीनी स्तर पर चुनाव संपन्न कराने में बीएलओ की भूमिका रीढ़ की हड्डी मानी जाती है। संवाद के दौरान बीएलओ के फील्ड अनुभवों, मतदाता सूची पुनरीक्षण में आने वाली तकनीकी चुनौतियों और व्यवस्था सुधार के लिए उनके सुझावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।