'H-1B वीजा से अलग है PERM', अमेरिका के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से 8 कंपनियों को निलंबित करने पर भारत ने क्या कहा

Published on 9 अक्टू॰ 2026

‘H-1B वीजा से अलग है PERM’, अमेरिका के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से 8 कंपनियों को निलंबित करने पर भारत ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवालImage Credit source: X/@MEAIndia

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को ये स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार द्वारा कई टेक कंपनियों को रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से निलंबित करने के फैसले से मौजूदा H-1B वीजा या वीजा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि मंत्रालय ने कहा कि परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) कार्यक्रम के तहत आवेदनों के निलंबन से संबंधित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों की स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है.

मंत्रालय ने भारत और अमेरिका के बीच स्किल्ड टैलेंट के आवागमन से होने वाले आर्थिक लाभों पर भी जोर दिया और कहा कि ताजा उपायों से दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को कोई बढ़ावा नहीं मिला है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि टैलेंट का आवागमन दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए मूल्यवान है. इससे भारतीयों के लिए अवसर तो पैदा होते ही हैं, साथ ही यह अमेरिकी कंपनियों को अत्याधुनिक प्रतिभा, इनोवेशन, रिसर्च, प्रोडक्टिविटी, कंपटीशन और जॉब क्रिएशन में मदद करता है और इसके अलावा अमेरिका में शेयरधारकों की संपत्ति भी बढ़ाता है.

किन कंपनियों को किया गया है निलंबित?

अमेरिकी श्रम विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और कैपजेमिनी को PERM कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है. विभाग ने कहा कि वह प्रभावित कंपनियों से नए आवेदन स्वीकार नहीं करेगा और न ही उनके लंबित आवेदनों पर कार्रवाई करेगा. अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने कहा कि कंपनियों ने सामूहिक रूप से लाखों विदेशी श्रमिकों की तलाश की थी और रोजगार-आधारित इमिग्रेशन प्रोग्राम के तहत सैकड़ों हजारों अप्रूवल प्राप्त किए थे.

कीथ सोंडरलिंग ने आगे कहा, ‘2009 से अकेले इन कंपनियों ने ही लगभग 30 लाख विदेशी कामगारों की मांग की है. उन्हें 230,000 से अधिक एच-1बी वीजा स्वीकृतियां और 100,000 से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं. इसका मतलब है कि लाखों नौकरियां अमेरिकी कामगारों से छीन ली गईं’.

प्रशासन ने आरोप लगाया है कि कंपनियों ने रोजगार-आधारित इमिग्रेशन प्रोग्राम का दुरुपयोग करके अमेरिकी श्रमिकों को विदेशी कर्मचारियों से बदल दिया है. ये आरोप अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए हैं और घोषणा में चल रही जांचों का हवाला दिया गया है.

PERM पर क्या कहता है अमेरिका का नियम?

पीईआरएम (PERM) एक लेबर सर्टिफिकेशन प्रोसेस है, जो एक योग्य अमेरिकी नियोक्ता को विदेशी कर्मचारी को रोजगार-आधारित स्थायी निवास (जिसे आमतौर पर ग्रीन कार्ड के नाम से जाना जाता है) के लिए प्रायोजित करने की अनुमति देती है. आवेदन को प्रमाणित करने से पहले अमेरिकी श्रम विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि उस पद के लिए पर्याप्त योग्य और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं हैं और विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से समान रूप से कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कार्य स्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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शिवांग माथुर

शिवांग माथुर

शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.

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