यूपी की IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर: X पर लिखा- प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो बढ़े चलो; 15 दिन पहले नौकरी छोड़ी थी - Uttar Pradesh News

Published on 14 सित॰ 2026

यूपी कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 30 अगस्त को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए सेवा से इस्तीफा दिया था।

.

मई में दिव्या मित्तल को देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। सोमवार रात करीब 11 बजे उन्होंने X पर पोस्ट कर इस्तीफा स्वीकार किए जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कवि जयशंकर प्रसाद के नाटक चंद्रगुप्त की पंक्ति लिखी- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”

अब उस काव्य की पूरी पंक्तियां जानिए, जो दिव्या मित्तल ने लिखीं…

हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती,

स्वयंप्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती!

अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो,

प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो!

असंख्य कीर्ति-रश्मियां विकीर्ण दिव्य दाह-सी,

सपूत मातृभूमि के - रुको न शूर साहसी!

अराति सैन्य सिंधु में, सुबाड़वाग्नि से जलो,

प्रवीर हो जयी बनो - बढ़े चलो, बढ़े चलो!

प्रशस्त पुण्य पंथ है: इसका अर्थ है कि मातृभूमि की रक्षा और स्वतंत्रता का यह मार्ग बहुत ही विशाल, साफ और पवित्र (पुण्यदायी) है।

बढ़े चलो, बढ़े चलो: कवि देश के साहसी सपूतों और सैनिकों का आह्वान करते हैं कि वे बिना रुके, बिना डरे इस पावन मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहें

दो दिन पहले दिव्या मित्तल ने वैष्णो देवी के दर्शन किए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "आगे की राह कठिन है... सदबुद्धि देना मां"

दो दिन पहले दिव्या मित्तल ने वैष्णो देवी के दर्शन किए। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "आगे की राह कठिन है... सदबुद्धि देना मां"

दिव्या की नौकरी अभी 17 साल बची थी

2013 बैच की दिव्या 13 साल से नौकरी कर रही थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची थी। IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री लेने के बाद लंदन में नौकरी की। लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर वह वापस आईं। दो साल में दो बार UPSC क्लियर किया। पहली बार में IPS बनीं। फिर अगले साल IAS बन गईं।

दिव्या के पति गगनदीप सिंह भी 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अफसर हैं। 2022 में वह भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। गगनदीप ने अपनी एक कंपनी ‘न्यूरोकैप’ बनाई है। यह कंपनी देश-विदेश से ट्रेडिंग का काम करती है।

दिव्या मित्तल मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। बेहद सख्त छवि की मानी जाती हैं। अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं। 4 महीने पहले ही देवरिया से उनका ट्रांसफर लखनऊ हुआ था।

दिव्या मित्तल ने इस्तीफे में क्या लिखा था, पढ़िए…

लंदन में नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आई थीं दिव्या

  • दिव्या मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। IIT-IIM से पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी की। यहीं गगनदीप सिंह से उनकी मुलाकात हुई। दोनों ने लव-मैरिज की। हालांकि, कुछ सालों बाद पति-पत्नी लंदन की नौकरी छोड़ भारत लौट आए।
  • दिव्या UPSC की तैयारी में जुट गईं। उन्होंने बिना कोचिंग पहले प्रयास में IPS क्लियर किया। उन्हें गुजरात कैडर मिला। IPS की ट्रेनिंग के दौरान भी दिव्या ने IAS की तैयारी जारी रखी। अगले ही साल 2013 में उनका IAS में सिलेक्शन हो गया।

दिव्या के पति पंजाब के रहने वाले, पहले प्रयास में UPSC पास किया था

  • दिव्या के पति गगनदीप सिंह का परिवार पंजाब के बठिंडा जिले के गिद्दड़बाहा का रहने वाला है। उन्होंने 1998 से 2002 तक IIT दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद 2003 से 2005 तक IIM बैंगलोर से मैनेजमेंट की पढ़ाई की।
  • गगनदीप ने 2010 में पहले ही प्रयास में UPSC पास किया था। उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस मिली थी। चार साल पहले, 2022 में उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद से इस्तीफा दिया था।

.........................

ये खबर भी पढ़िए…

मंत्री निषाद बोले- जेब में गड्डी लेकर निकले मौसमी नेता:मछुआरा समाज को गुमराह कर रहे; बिहार के पूर्व मंत्री पर साधा निशाना

यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सोमवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर जमकर हमला बोला। हालांकि, निषाद ने बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का नाम नहीं लिया। कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। पूरी खबर पढ़िए…