
कई क्रिकेटर थे, जो भारत में खेलने के बाद पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने लगेImage Credit source: AI Generated
14-15 अगस्त 1947 भारत के इतिहास का सबसे दर्दनाक दिन था. ये वही दिन था जब अंग्रेजो की ‘फूट डालो, राज करो’ की नीति सफल हुई थी और जिसे कट्टरपंथियों का पूरा साथ मिला था. यही वो दिन था जब भारत का बंटवारा हुआ था और एक अलग इस्लामिक राष्ट्र के रूप में पाकिस्तान का जन्म हुआ था. इस एक विभाजन ने सबकुछ बदल कर रख दिया. लाखों जानें गई, करोड़ों विस्थापित हुए और हर जगह इसका असर दिखा. क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं रहा, जो उस वक्त नया-नया ही था. कई क्रिकेटर जो भारत के लिए खेल चुके थे या खेलना चाहते थे, उन्होंने पाकिस्तान को चुना.
अब्दुल हफीज कारदार
भारत के लिए खेलने के बाद पाकिस्तान को चुनने वाले क्रिकेटरों में सबसे बड़ा नाम बने अब्दुल हफीज कारदार. बंटवारा होने से पहले ही वो भारत के लिए 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैच खेल चुके थे. मगर विभाजन के बाद उन्होंने पाकिस्तान को चुना क्योंकि उनका जन्म हुआ भी लाहौर में था, जो तब अविभाजित पंजाब का हिस्सा था और फिर पाकिस्तान का हिस्सा बना. बंटवारे के बाद कारदार ही पाकिस्तान बनने के बाद कारदार ने नए देश की टीम की कप्तानी की और पाकिस्तान के पहले टेस्ट कप्तान बने. कारदार पाकिस्तान के लिए 23 मैच खेले, जबकि कुल 26 मैच के करियर में 927 रन बनाए.
आमिर इलाही
आमिर इलाही ने भी भारत और पाकिस्तान दोनों का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 1947 में भारत के लिए टेस्ट मैच खेला था. पाकिस्तान बनने के बाद वह पाकिस्तान की टीम में शामिल हो गए और 1952 में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला.उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन दोनों देशों के लिए खेलने वाले क्रिकेटरों की सूची में उनका नाम खास महत्व रखता है.
गुल मोहम्मद
गुल मोहम्मद भारत के बेहतरीन बल्लेबाजों में गिने जाते थे. उन्होंने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला और 1947 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे.विभाजन के बाद उन्होंने पाकिस्तान का रुख किया और 1956 में पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला. इस तरह वह भी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
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