Published: Saturday, August 15, 2026, 8:19 [IST]
Independence Day 2026: 15 अगस्त 2026 यानी आज देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। यह सिर्फ एक औपचारिक परंपरा नहीं बल्कि स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का अहम हिस्सा है। 1947 में देश की आजादी के बाद से अब तक कई प्रधानमंत्रियों ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया है।
हालांकि, इस मामले में कुछ प्रधानमंत्रियों का रिकॉर्ड बेहद खास रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्रियों का वर्षवार रिकॉर्ड बेहद दिलचस्प है। इसमें जवाहरलाल नेहरू सबसे आगे हैं, जबकि इंदिरा गांधी दूसरे स्थान पर हैं। नरेंद्र मोदी भी लगातार 13 सालों तक लाल किले से संबोधन देने के कारण अब इस सूची में टॉप स्थानों की ओर बढ़ चुके हैं। आइए आपको रूबरू कराते हैं....
Jawaharlal Nehru सबसे आगे, 17 बार फहराया तिरंगा
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम लाल किले की प्राचीर से सबसे ज्यादा बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1947 से 1964 तक कुल 17 बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित किया।
15 अगस्त 1947 को जब देश आजाद हुआ, तब नेहरू ने पहली बार लाल किले पर तिरंगा फहराया था। इसके बाद प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने हर स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया। 27 मई 1964 को उनके निधन तक यह सिलसिला जारी रहा। उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी नेहरू के 17 लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधनों की पुष्टि करते हैं।
Lal Bahadur Shastri ने दो बार संभाली कमान
नेहरू के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1964 और 1965 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। इस तरह उनके नाम 2 बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन का रिकॉर्ड है।
1965 का स्वतंत्रता दिवस भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौर में आया था। शास्त्री के नेतृत्व में देश ने 'जय जवान, जय किसान' जैसे संदेशों के जरिए सैनिकों और किसानों के योगदान को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा।
Indira Gandhi 16 बार लाल किले से बोलीं
देश की तीसरी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लाल किले से कुल 16 बार स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। वह 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं। इस दौरान उन्होंने 16 स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से तिरंगा फहराया। यही वजह है कि वह इस रिकॉर्ड में नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर हैं। 2025 तक यह रिकॉर्ड कायम था, जब नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के साथ इंदिरा गांधी के 11 लगातार संबोधनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। हालांकि कुल संख्या में इंदिरा गांधी अभी भी मोदी से आगे हैं।
Morarji Desai से चरण सिंह तक
1977 में केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1977 और 1978 में लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित किया। यानी उनके नाम 2 संबोधन दर्ज हैं। इसके बाद चरण सिंह ने 1979 में एक बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। वह लंबे समय तक प्रधानमंत्री नहीं रह सके, इसलिए उनके हिस्से में सिर्फ एक स्वतंत्रता दिवस आया। ऐतिहासिक रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि चंद्रशेखर प्रधानमंत्री रहते हुए किसी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से संबोधन नहीं कर सके।
राजीव गांधी और नरसिम्हा राव का रिकॉर्ड (Rajiv Gandhi and Narasimha Rao Record)
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1985 से 1989 तक कुल 5 बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। इसके बाद वीपी सिंह ने 1990 में एक बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। पीवी नरसिम्हा राव ने 1991 से 1995 के बीच कुल 5 बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से संबोधन दिया। ग्राफिक में भी राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के सामने पांच-पांच बार का आंकड़ा दिया गया है।
देवगौड़ा और गुजराल का सिर्फ एक-एक संबोधन
1996 में एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री थे। उन्होंने उस साल लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। इसके बाद 1997 में इंद्र कुमार गुजराल ने प्रधानमंत्री के तौर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। दोनों के नाम एक-एक स्वतंत्रता दिवस संबोधन दर्ज है।
Atal Bihari Vajpayee ने 6 बार फहराया तिरंगा
1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन का एक और महत्वपूर्ण दौर शुरू हुआ। उन्होंने 1998 से 2003 तक लगातार 6 बार लाल किले से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया।
वाजपेयी का यह रिकॉर्ड लंबे समय तक महत्वपूर्ण रहा। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वह उन प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने लाल किले से छह या उससे अधिक बार स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया।
Manmohan Singh ने 10 बार किया संबोधन
2004 में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने और 2013 तक लगातार 10 स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया। 2012 में वह लाल किले से लगातार 9वीं बार तिरंगा फहराने वाले तीसरे प्रधानमंत्री बने थे। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह सिलसिला समाप्त हुआ। मनमोहन सिंह के नाम कुल 10 स्वतंत्रता दिवस संबोधन दर्ज हैं।
Narendra Modi ने 13 बार बनाया नया रिकॉर्ड
नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। 2014 से 2026 तक, 13 बार मोदी ने लगातार हर साल लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। इसके साथ उन्होंने इंदिरा गांधी के 11 लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधनों के मामले में नेहरू 17, मोदी 13 (2026), इंदिरा गांधी 11 के साथ शीर्ष तीन में हैं।