भारत और जापान के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने 2 रन से जीत दर्ज की, लेकिन मैच के दौरान अंपायरिंग का एक फैसला विवादों में आ गया। श्रेयस अय्यर के फैसले पर सवाल उठाने और अंपायर से बातचीत के बाद वाइड का निर्णय बदलने से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ फैंस ने भारतीय कप्तान पर अंपायर पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
क्या भारत के दबाव में अंपायर ने बदला फैसला
- Published: 22 Sep 2026, 04:36 PM IST
- Last Updated: 22 Sep 2026, 05:08 PM IST
India vs Japan: भारत और जापान के बीच खेले गए पहले इंटरनेशनल क्रिकेट मुकाबले में टीम इंडिया ने भले ही 2 रन से जीत हासिल कर ली, लेकिन मैच के दौरान हुआ एक अंपायरिंग विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मामला जापान की पारी के दौरान वाइड के फैसले को बदलने से जुड़ा है।
दरअसल, जापान को जीत के लिए आखिरी 4 गेंदों में 6 रन चाहिए थे। भारतीय गेंदबाज अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे और सामने बल्लेबाज अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर थे। उन्होंने एक बार फिर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की। गेंद लेग साइड की ओर गई, जिसके बाद मैदानी अंपायर क्रिस थर्गेट ने उसे वाइड करार दिया। अंपायर के इस फैसले पर अक्षर पटेल और विकेटकीपर संजू सैमसन ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर स्क्वायर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन के पास पहुंचे और उनसे फैसले को लेकर बातचीत की।
दोनों अंपायरों ने आपस में चर्चा की। शुरुआत में ऐसा लगा कि वाइड का फैसला बरकरार रहेगा, लेकिन कुछ समय बाद निर्णय बदल दिया गया। गेंद को वाइड नहीं माना गया और उसे सामान्य डिलीवरी के रूप में दर्ज किया गया। यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि मुकाबले में डीआरएस और थर्ड अंपायर की सुविधा मौजूद नहीं थी। ऐसे में अंपायरों की आपसी चर्चा के बाद फैसला बदलने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए।
IT WENT DOWN TO THE FINAL BALL! 🤯#TeamIndia hold their nerve to seal a thrilling 2-run win over Japan! 💪#JPNvIND #SuzukiCup pic.twitter.com/QpdnKjxl0I
— Star Sports (@StarSportsIndia) September 22, 2026
कुछ फैंस का कहना था कि किसी खिलाड़ी या कप्तान को मैदानी अंपायर के फैसले पर इस तरह प्रभाव नहीं डालना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने श्रेयस अय्यर पर अंपायर को दबाव में लेने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी कार्यवाही को 'बुलिंग' बताया, जबकि एक यूजर ने इसे 'गंभीर रूप से शर्मनाक' करार दिया।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि फैसला बदलने का अंतिम निर्णय अंपायरों की आपसी चर्चा के बाद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अंपायरों ने निर्णय बदलने से पहले आपस में बातचीत की थी।
आखिरकार भारतीय टीम ने जापान को 2 रन से हराकर मुकाबला जीत लिया। लेकिन इस विवाद ने उन परिस्थितियों पर बहस छेड़ दी है, जब मैच में डीआरएस या थर्ड अंपायर की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ऐसे मामलों में विवादित फैसलों को बदलने की प्रक्रिया और खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्या कहता है नियम?
वाइड बॉल का फैसला करने के लिए ICC ने अपने अंपायरों को साफ निर्देश दिए हैं कि अगर कोई बल्लेबाज रिवर्स या स्विच हिट करने की कोशिश करता है, तो विकेट के दोनों तरफ के हिस्से को 'ऑफ साइड' माना जाएगा। इसका मतलब है कि वाइड बॉल करार दिए जाने के लिए गेंद को बाहरी स्टंप से 75 सेंटीमीटर दूर होना चाहिए। अगर कोई बल्लेबाज़ अपना स्टांस बदलने का दिखावा करता है और फिर वापस अपने सामान्य स्टांस में आ जाता है, तब भी दोनों तरफ को ऑफ साइड ही माना जाता है। यह बात हर ICC अंपायर को दिए गए मैनुअल में लिखी है। इसके पीछे की वजह आसान है। स्टांस बदलकर, बल्लेबाज लेग-साइड की गेंदों को अपनी पहुंच में ले आते हैं।