इंदौर में गणेश चतुर्थी के साथ गणपति उत्सव शुरू हो गया है। खजराना गणेश मंदिर में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र और करीब 7 करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषणों से सजाया जाएगा। वहीं 125 साल पुराने बड़ा गणपति मंदिर में 101 किलो लड्डुओं का भोग और रोजाना संगीतमय आरती होगी।
खजराना गणेश के हीरे जड़ित नेत्र बने आकर्षण
- Published: 14 Sep 2026, 11:18 AM IST
- Last Updated: 14 Sep 2026, 11:18 AM IST
इंदौर: गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार से देशभर में गणपति उत्सव की शुरुआत हो गई है। घरों से लेकर मंदिरों और बड़े-बड़े पंडालों तक भगवान गणेश की स्थापना की जा रही है। इंदौर में भी गणेशोत्सव को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर और बड़ा गणपति मंदिर में विशेष पूजा, श्रृंगार, भोग और आरती के आयोजन होंगे।
खजराना गणेश मंदिर में इस बार भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। ब्रह्ममुहूर्त में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र धारण कराए गए हैं। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। गणेशोत्सव के दौरान अगले 10 दिनों तक भगवान का रोजाना अलग-अलग तरीके से विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
करीब 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से होगा श्रृंगार
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक, गणेशोत्सव के दौरान भगवान को करीब 7 करोड़ रुपए कीमत के स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। सोमवार को मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा तथा नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ध्वज पूजन और महाआरती में शामिल होंगे।
भगवान गणेश को सवा लाख मोदक का भोग लगाया जाएगा। सुबह करीब पौने 8 बजे से सवा 8 बजे के बीच विशेष आरती होगी। गणेशोत्सव के चलते मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
125 साल पुराना है बड़ा गणपति मंदिर
इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर में भी गणेशोत्सव को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। इस साल मंदिर के गणेशोत्सव को 125 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यहां भगवान गणेश की करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी विशाल प्रतिमा है। प्रतिमा 16 फीट लंबे और 4 फीट चौड़े आसन पर विराजमान है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान को घर पर तैयार किए गए शुद्ध गाय के घी से बने करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।
रात 9 बजे होगी संगीतमय आरती
बड़ा गणपति मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान हर दिन रात 9 बजे करीब एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग गेट बनाए गए हैं। दर्शन के दौरान भक्तों को भगवान के सामने करीब 10 मिनट का समय दिया जाएगा। गणेश चतुर्थी के साथ ही इंदौर में अगले 10 दिनों तक भक्ति और उत्सव का माहौल रहेगा। घर-घर गणपति स्थापना के साथ शहर में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजेंगे।