'वो अपनी बात से मुकर गए...', राहुल गांधी-जितेंद्र सिंह के बीच बातचीत की Inside Story

Published on 21 जुल॰ 2026

कांग्रेस ने मंगलवार को पीएम आवास के नजदीक छात्रों के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान राहुल गांधी-प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में जब कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे, तब थोड़ी देर में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह वहां उनसे बातचीत करने और धरना-प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने पहुंचे थे. 

ऐसी कई वीडियो और तस्वीरें सामने आईं, जिसमें दोनों नेता एक-दूसरे से बातचीत करते दिख रहे हैं. थोड़ी देर की बातचीत के बाद जितेंद्र सिंह लौट गए. अब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुद बताया है कि धरना स्थल पर राहुल गांधी से उनकी बातचीत में क्या बातें हुईं.

जितेंद्र सिंह ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी का बर्ताव और व्यवहार उचित नहीं था. पहले उन्होंने एक ही मांग रखी और फिर जब उनकी मांग मानी गई तो उन्होंने कहा कि अब उनकी दो मांगे हैं. जब उनसे कहा गया कि यह ठीक नहीं है तो राहुल गांधी ने जवाब में कहा- मेरी मर्जी.

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क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

जितेंद्र सिंह ने कहा, 'कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी आदि अचानक ही अकबर रोड के पास एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं. 

सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा को देखते हुए  मुझे, और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से बात करने भेजा था. राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है. 

राहुल गांधी ने क्या मांग रखी थी?

राहुल गांधी ने यह मांग रखी कि अगर सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें. कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है.

'...और मुकर गए राहुल गांधी' 
राहुल गांधी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा. उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे है- संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा. जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं.

जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है. जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें.

यह वाकया दुर्भाग्यपुूर्ण- जितेंद्र सिंह 
राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है. सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है. इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है. राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है.

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