चलेगा या हटेगा 'इम्पैक्ट प्लेयर'? IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक में फंसा पेंच, एक महीने बाद होगा फैसला

Published on 16 सित॰ 2026

IPL 2027: आईपीएल 2027 में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम आगे जारी रहेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अगले एक महीने के भीतर लिया जाएगा. 15 सितंबर को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की अहम मीटिंग हुई थी.

IPL 2027: आईपीएल 2027 में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम आगे जारी रहेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अगले एक महीने के भीतर लिया जाएगा. 15 सितंबर को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की अहम मीटिंग हुई थी.

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IPL 2027: इंडियन प्रीमियर लीग 2027 को लेकर 15 सितंबर को IPL गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. इस मीटिंग में आईपीएल की सबसे चर्चित और विवादास्पद नियम 'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' को लेकर भी चर्चा हुई. हालांकि इस मीटिंग में 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है. बीसीसीआई ने इस मामले को अभी रोक कर रखा है. अब यह नियम आईपीएल में आगे रहेगा या इसे हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा, इसका पक्का फैसला ठीक एक महीने बाद होने वाली अगली मीटिंग में किया जाएगा.

IPL गवर्निंग मीटिंग के बाद बढ़ी फ्रेंचाइजी टीमों की टेंशन

15 सितंबर को हुई आईपीएल की मीटिंग में एक और बड़ा फैसला लिया गया कि अगले सीजन की मिनी-नीलामी विदेशों में नहीं, बल्कि भारत में ही होगी. लेकिन दूसरी तरफ, 'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' पर कोई पक्का फैसला नहीं हो पाया, जिसने सभी 10 टीमों और क्रिकेट फैंस के सस्पेंस को बढ़ा दिया है. 

'इम्पैक्ट प्लेयर नियम' को लेकर 2 गुटों में बंटी IPL टीमें

गवर्निंग काउंसिल की बैठक से पहले, बीसीसीआई ने सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजी से इस नियम पर उनका फीडबैक मांगा था. लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो टीम मालिकों के बीच इसे लेकर सहमति नहीं बन पाई है और सबकी राय अलग-अलग बंटी हुई है. अधिकांश फ्रेंचाइजी का कहना है कि 'इम्पैक्ट प्लेयर' की वजह से क्रिकेट का असली संतुलन बिगड़ रहा है, और इसे अब स्थाई तौर पर बंद कर देना चाहिए.

वहीं कुछ टीमों का कहना है कि उन्होंने अपनी मौजूदा टीम इसी 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को ध्यान में रखकर बनाई है. अगर इसे अचानक हटाया गया, तो उनकी पूरी प्लानिंग गड़बड़ हो जाएगी. इसलिए ये टीमें चाहती हैं कि इस नियम को कम से कम एक और सीजन के लिए जारी रखा जाए, और जो भी बड़ा बदलाव करना हो, वो साल 2028 की मेगा-नीलामी से ही लागू किया जाए.  

A decision on the impact player rule was left open-ended at the IPL Governing Council meeting on Tuesday. A final decision on the rule is expected to be taken at another meeting in a month#IPLpic.twitter.com/46HI2tq1tr

— Cricbuzz (@cricbuzz) September 16, 2026

आखिर क्यों विवादों में है 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम?

साल 2023 में शुरू हुए इस नियम के तहत टीमों को मैच के बीच में अपनी प्लेइंग-11 से किसी भी एक खिलाड़ी को बदलने की छूट मिलती है. इसकी जगह टीम एक एक्स्ट्रा स्पेशलिस्ट बल्लेबाज या गेंदबाज को मैदान पर उतार सकती है. हालांकि, इसके दो बड़े नुकसानों की वजह से इस नियम की लगातार कड़ी आलोचना हो रही है. 

IPL में ऑलराउंडर्स का घटता वजूद को लेकर विवाद

रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का साफ मानना है कि इस नियम की वजह से भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडर्स का आगे बढ़ना रुक गया है. इसकी वजह यह है कि टीमों को अब किसी कामचलाऊ ऑलराउंडर पर भरोसा करने की जरूरत ही नहीं पड़ती. वे इसकी जगह सीधे एक धाकड़ बल्लेबाज या विशेषज्ञ गेंदबाज को मैदान पर उतार देती हैं. 

गेंदबाजों पर अत्यधिक दबाव 

इस नियम के आने से टी20 क्रिकेट पूरी तरह से बल्लेबाजों का खेल बनता जा रहा है. एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज के मैदान पर उतरने से टीमों का बैटिंग ऑर्डर बहुत लंबा हो जाता है, जिससे स्कोर का ग्राफ आसमान छू रहा है. आईपीएल मैचों में हर दूसरी पारी में लगातार 200, 230 और 250 से ज्यादा रन बनना अब एक आम बात हो चुकी है. गेंदबाजों के लिए खेल बेहद क्रूर और एकतरफा होता जा रहा है, क्योंकि मैदान पर उनके पास छिपने की कोई जगह नहीं बचती. सपाट पिचों और 12वें खिलाड़ी की एंट्री ने गेंदबाजों को सिर्फ रन लुटाने वाली मशीन में बदल दिया है, जिससे उनका मनोबल भी टूट रहा है. 

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