मैट्रिमोनियल साइट पर AI से तैयार की गई वर्दी वाली फोटो लगाकर खुद को कभी IPS अधिकारी, कभी एक्साइज विभाग का असिस्टेंट कमिश्नर और कभी रॉ एजेंट बताने वाले युवक ने चंडीगढ़ की पीएचडी छात्रा को शादी के झांसे में फंसा लिया।
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आरोपी ने युवती का भरोसा जीतने के बाद उससे करीब 11.50 लाख रुपए कैश, 6-7 तोले सोने के गहने और लैपटॉप ले लिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने सुरक्षा का हवाला देकर युवती के दस्तावेजों पर बैंक खाता भी खुलवा लिया और उसकी पासबुक, ATM और नया सिम कार्ड अपने पास रख लिया।
खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर बैंक ने इसे फ्रीज किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने रोहतक की शिवाजी कॉलोनी निवासी अमित कुमार बल्हारा को गिरफ्तार कर लिया है।
मैट्रिमोनियल साइट पर वर्दी वाली फोटो लगाई
सेक्टर-20 निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इसी साल मार्च में मैट्रिमोनियल साइट पर उसकी नजर आरोपी की प्रोफाइल पर पड़ी। प्रोफाइल में आरोपी की वर्दी वाली फोटो लगी थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह बातचीत फोन और अन्य माध्यमों तक पहुंच गई।
आरोपी ने युवती को प्रभावित करने के लिए खुद को सरकारी पदों पर तैनात बताया। कभी उसने खुद को एक्साइज विभाग का असिस्टेंट कमिश्नर बताया तो कभी IPS और रॉ एजेंट होने का दावा किया। पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रोफाइल पर लगाई गई IPS वर्दी वाली फोटो असली नहीं थी, बल्कि AI की मदद से तैयार की गई थी।
मां की बीमारी का इमोशनल ड्रामा रचा
आरोपी ने युवती का भरोसा जीतने के लिए परिवार से जुड़ी भावनात्मक बातें भी शुरू कर दीं। उसने बताया कि उसकी मां बीमार रहती है और उसके पिता ध्यान नहीं रख पाते। वह खुद मेहनत करके इस मुकाम तक पहुंचा है।
आरोपी ने युवती को यह तक कहा कि अगर वह उसकी जीवनसाथी बनती है तो उसकी मां भी ठीक हो जाएगी। इस तरह उसने धीरे-धीरे युवती को भावनात्मक रूप से अपने प्रभाव में ले लिया। इसके बाद दोनों ने डेटिंग शुरू कर दी।

आरोपी अमित कुमार।
सरकारी नौकरी लगवाने का भी दिया झांसा
आरोपी ने युवती को बताया कि हरियाणा सरकार में उसकी ऊंची पहुंच है। उसने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा भी दिलाया। शादी और नौकरी के इन वादों के बीच आरोपी ने युवती से पैसे और सामान लेना शुरू कर दिया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अलग-अलग वजहें बताकर उससे करीब 11.50 लाख रुपए नकद, 6-7 तोले सोने के गहने और लैपटॉप ले लिया।
आरोपी ने खुद को रॉ एजेंट बताते हुए युवती से कहा कि सुरक्षा कारणों से वह अपने नाम पर बैंक खाता नहीं खुलवा सकता। इसके बाद उसने पीड़िता के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवा लिया।
खाता खुलने के बाद पासबुक, ATM और नया सिम कार्ड आरोपी ने अपने पास रख लिया। आरोपी का कहना था कि सुरक्षा कारणों से आने वाले OTP और बैंक से संबंधित जानकारी उसी के पास रहना जरूरी है। इस तरह बैंक खाते का नियंत्रण भी आरोपी ने अपने हाथ में ले लिया।
संदिग्ध ट्रांजेक्शन से खुला पूरा राज
करीब 2 महीने पहले बैंक ने संदिग्ध लेनदेन के चलते खाते को फ्रीज कर दिया। इसके बाद बैंक मैनेजर ने पीड़िता से संपर्क कर बताया कि उसके खाते में गलत और संदिग्ध ट्रांजेक्शन हो रही हैं। बैंक से जानकारी मिलने के बाद पीड़िता को शक हुआ। उसने आरोपी से अपने पैसे, गहने और अन्य सामान वापस मांगा। इसके बाद आरोपी ने सामान लौटाने के बजाय उसे धमकाना शुरू कर दिया।
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने आरोपी से अपने 11.50 लाख रुपए और सामान वापस मांगा तो उसने उसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस आरोपी को पकड़ कर ले जाती हुई पुलिस।
मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फोरेंसिक लैब जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस मोबाइल में मौजूद चैट, फोटो, वीडियो, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इसके अलावा बैंक खाते में हुई संदिग्ध ट्रांजेक्शन और आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने पीड़िता के अलावा किसी अन्य युवती को भी इसी तरीके से निशाना बनाया था या नहीं।