Iran में मचा हड़कंप! खार्ग आइलैंड के पास टैंकर पर मिसाइल अटैक, ट्रंप की नई धमकी

Published on 5 सित॰ 2026

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। शनिवार को ईरानी मीडिया ने दावा किया कि खार्ग आइलैंड के पास ईरान का तेल ले जा रहे एक टैंकर को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, टैंकर पर चार मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद इलाके में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु परिसर पिकैक्स माउंटेन को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर लगातार नजर रख रही हैं। उनका कहना है कि अगर वहां किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

परमाणु कार्यक्रम को रोकना अमेरिका के अभियान का लक्ष्य: ट्रंप

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीनों से जारी अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है।अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार खुफिया जानकारी जुटा रहा है और इसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

जमीन के नीचे बना है पिकैक्स माउंटेन

पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के आसपास स्थित एक बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर बताया जाता है। नतांज परमाणु केंद्र को पहले ही भारी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ चुकी हैं।रिपोर्टों के अनुसार, पिकैक्स माउंटेन जमीन के काफी नीचे बनाया गया है और यहां दो बड़े भूमिगत सुरंग सिस्टम मौजूद हैं। इसकी गहराई और मजबूत संरचना के कारण सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना बेहद मुश्किल माना जाता है।द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि इजराइली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस भूमिगत परिसर में पहुंचाए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है।

अगर अमेरिका इस ठिकाने पर हमला करता है तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई और ज्यादा व्यापक हो सकती है।

खार्ग आइलैंड पर हमला क्यों बढ़ा सकता है वैश्विक चिंता?

खार्ग आइलैंड ईरान के तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह होर्मुज स्ट्रेट के करीब स्थित है, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में शामिल है।

दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। ऐसे में अगर खार्ग आइलैंड के आसपास सैन्य तनाव बढ़ता है या समुद्री यातायात प्रभावित होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

इसका सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, सप्लाई में बड़ी रुकावट आने पर कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल करीब 10 डॉलर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

ईरान के लिए भी खार्ग आइलैंड बेहद अहम है, क्योंकि उसके तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा है। इसलिए यहां तनाव बढ़ने पर ईरान की तेल से होने वाली आय पर भी दबाव पड़ सकता है।

ट्रंप का दावा- अमेरिकी कार्रवाई ने बड़ा क्षेत्रीय युद्ध रोका

ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए दावा किया कि अमेरिका की कार्रवाई से पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध को टालने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो इजराइल और पूरे पश्चिम एशिया को और गंभीर खतरे का सामना करना पड़ सकता था। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोक दिया।

ईरान के रडार सिस्टम को दो बार तबाह करने का दावा

ट्रंप ने ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम पर किए गए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के आधुनिक रडार सिस्टम को दो अलग-अलग मौकों पर नष्ट किया।

ट्रंप के मुताबिक, पहले हमले के बाद ईरान ने दोबारा रडार सिस्टम तैनात किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने फिर निशाना बनाया। उनका कहना है कि लगातार नुकसान के बाद ईरान अब नए रडार लगाने से बच सकता है।

अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

ट्रंप का बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से ईरान में किए गए नए सैन्य हमलों की जानकारी दिए जाने के कुछ दिन बाद आया।

CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सैन्य उपकरण, समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े सैन्य ठिकाने शामिल थे।

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि इन हमलों में नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी दावे से अलग आरोप लगाए हैं।

ईरान के मुताबिक, मंगलवार रात सिरिक इलाके में एक शादी समारोह पर अमेरिकी मिसाइल हमला हुआ, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई। मृतकों में चार साल का एक बच्चा भी शामिल होने का दावा किया गया है।

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया संप्रभुता का उल्लंघन

ईरान ने अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका पर देश की संप्रभुता का उल्लंघन करने और कई प्रांतों में गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे तथा नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसकी सेना ने अमेरिकी हमलों के जवाब में रक्षात्मक कार्रवाई की है।

ईरान के अनुसार, पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही वे स्थान हैं जहां से अमेरिकी हमलों की योजना, तैयारी और संचालन किया जा रहा है। इसी वजह से ईरान ने अपने जवाबी हमलों में इन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

फिलहाल खार्ग आइलैंड के पास टैंकर पर चार मिसाइलें दागे जाने और पिकैक्स माउंटेन के खिलाफ संभावित अमेरिकी कार्रवाई को लेकर क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है। यदि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास समुद्री यातायात प्रभावित होता है, तो इसका असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित न रहकर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।