ITR Filing 2026: आज ITR भरने की आखिरी तारीख है। अगर 31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल किया तो ₹5,000 तक जुर्माना और अन्य नुकसान हो सकते हैं। जानें डेडलाइन, लेट फीस और जरूरी नियम।
ITR Filing 2026: आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख आज, 31 जुलाई के बाद लग सकता है ₹5000 तक जुर्माना।
- Published: 31 Jul 2026, 12:18 PM IST
- Last Updated: 31 Jul 2026, 12:20 PM IST
ITR Filing Deadline 2026: क्या आपने अभी तक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो आपके पास आज आखिरी मौका है। आयकर विभाग की ओर से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है, जिसे बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई अपडेट नहीं सामने नहीं आया है। ऐसे में समय पर रिटर्न दाखिल करना बेहतर होगा, क्योंकि 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर करदाताओं को ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है।
आज ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख
आयकर विभाग के मौजूदा नियमों के अनुसार, वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनभोगी 31 जुलाई 2026 तक अपना ITR दाखिल कर सकते हैं। वहीं, जिन करदाताओं की आय व्यवसाय (Business) या पेशे (Profession) से होती है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है। नॉन-ऑडिट मामलों के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है, जबकि ऑडिट वाले मामलों में रिटर्न 31 अक्टूबर 2026 तक दाखिल किया जा सकता है।
किन लोगों के लिए ITR दाखिल करना जरूरी है?
नए टैक्स रिजीम के तहत ₹4 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगता, जबकि पुराने टैक्स रिजीम में यह सीमा ₹2.5 लाख है। यदि आपकी कर योग्य आय (Taxable Income) इन सीमाओं से अधिक है, तो ITR दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है। इसके अलावा कुछ विशेष वित्तीय लेनदेन (Specified Financial Transactions) भी ITR दाखिल करना जरूरी बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपने एक वित्त वर्ष में ₹1 लाख या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया है या ₹2 लाख से अधिक का विदेशी यात्रा खर्च किया है, तो आपको ITR दाखिल करना पड़ सकता है।
लेट ITR भरने पर कितना लगेगा जुर्माना?
यदि कोई करदाता तय समय तक ITR दाखिल नहीं कर पाता, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक Belated Return दाखिल कर सकता है। हालांकि, इसके लिए ₹5,000 तक की लेट फीस देनी होगी। जिन करदाताओं की कुल आय ₹5 लाख या उससे कम है, उनके लिए यह लेट फीस केवल ₹1,000 होगी।
इसके अलावा, यदि कोई टैक्स बकाया है तो मूल अंतिम तिथि के बाद से हर महीने 1% ब्याज भी देना होगा। एडवांस टैक्स का भुगतान समय पर नहीं करने पर भी ब्याज लागू रहेगा।
लेट ITR दाखिल करने के अन्य नुकसान
देरी से ITR दाखिल करने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगता, बल्कि करदाताओं को कुछ अन्य नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं। ऐसे मामलों में हाउस प्रॉपर्टी से होने वाले नुकसान को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के नुकसान (Losses) को अगले वर्षों में कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा, यदि आपने समय सीमा के बाद ITR दाखिल किया, तो बाद में पुराने और नए टैक्स रिजीम के बीच बदलाव का विकल्प भी सीमित हो सकता है। चूंकि नया टैक्स रिजीम डिफॉल्ट व्यवस्था है, इसलिए समय सीमा के बाद दाखिल किए गए रिटर्न सामान्यतः नए टैक्स रिजीम के तहत प्रोसेस किए जाते हैं।
रिवाइज्ड ITR दाखिल करने का नया नियम
Finance Act 2026 के तहत करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। अब करदाता मूल (Original) और Belated दोनों प्रकार के ITR को संबंधित टैक्स वर्ष की समाप्ति के 12 महीने के भीतर संशोधित (Revised) कर सकते हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसका मतलब है कि करदाता 31 मार्च 2027 तक संशोधित ITR दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए आय के आधार पर ₹5,000 या ₹1,000 का निर्धारित शुल्क देना होगा।