ITR फाइलिंग में FSI एरर से परेशान? 31 अगस्त से पहले अपनाएं ये 5 तरीके

Published on 20 अग॰ 2026

Published: Thursday, August 20, 2026, 11:36 [IST]

आज, 20 अगस्त को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) पोर्टल पर ट्रैफिक काफी बढ़ गया है। कई ITR-2 और ITR-3 फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को शेड्यूल FSI और फॉरेन-इनकम वैलिडेशन में एरर देखने को मिल रहे हैं, जिसकी वजह से रिटर्न अपलोड नहीं हो पा रहा है। 31 अगस्त की डेडलाइन पास होने के कारण टैक्सपेयर्स जल्द से जल्द टैक्स चुकाकर फाइलिंग पूरी करना चाहते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो यहां जानें इसके पक्के समाधान, तेजी से टैक्स पेमेंट करने के तरीके और फाइलिंग के बाद के जरूरी स्टेप्स।

सबसे पहले, शेड्यूल FSI के कुल अमाउंट का मिलान उसके ब्रेक-अप और लिंक्ड शेड्यूल TR व FA से सही-सही कर लें। दशमलव (Decimal) में हुई छोटी सी गलती से भी एरर आ सकता है और फाइलिंग ब्लॉक हो सकती है। पोर्टल से लेटेस्ट यूटिलिटी डाउनलोड करके नई JSON फाइल जनरेट करें; ध्यान रखें कि JSON फाइल में मैनुअली कोई बदलाव न करें। वहीं, अगर आप फॉरेन टैक्स क्रेडिट क्लेम कर रहे हैं, तो ITR अपलोड करने से पहले तय समयसीमा के भीतर फॉर्म 67 जरूर जमा करें।

ITR Filing AY 2026-27: How to Fix FSI and Foreign Income Errors Before August 31 Deadline

अगर फाइलिंग के दौरान पोर्टल हैंग हो रहा है, तो फाइलिंग मोड बदलें। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए लेटेस्ट कॉमन ऑफलाइन यूटिलिटी या एक्सेल यूटिलिटी डाउनलोड करें, उसमें प्री-फिल्ड JSON इंपोर्ट करें, डेटा वैलिडेट करें और फिर नई JSON फाइल अपलोड करें। शीट से खाली पंक्तियां (Blank rows) हटा दें, कंट्री कोड सही जांचें और करेंसी की जानकारी में एकरूपता रखें। इसके बाद भी एरर बना रहे, तो स्क्रीनशॉट के साथ 'ई-निवारण' पर शिकायत दर्ज करें और ई-फाइलिंग हेल्पडेस्क को ईमेल में कॉपी रखें।

31 अगस्त से पहले टैक्स पेमेंट कट-ऑफ

चालान ITNS 280 के तुरंत कंफर्मेशन के लिए पेमेंट गेटवे, UPI या नेट बैंकिंग के जरिए e-Pay Tax का इस्तेमाल करें। UPI पेमेंट पर शून्य MDR लगता है और टैक्स भुगतान के लिए ज्यादा लिमिट भी मिलती है। NEFT और RTGS की सुविधा 24x7 चालू रहती है, लेकिन ध्यान रखें कि चालान की 'वैलिड टिल' डेट खत्म होने से पहले फंड ट्रांसफर हो जाना चाहिए। जब समय कम हो, तो बैंक ट्रांसफर की बजाय पेमेंट गेटवे का विकल्प चुनना ज्यादा बेहतर होता है।

फाइलिंग के बाद: ई-वेरिफिकेशन और रेक्टिफिकेशन

रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर आधार OTP, नेट बैंकिंग, प्री-वैलिडेटेड बैंक या डीमैट EVC या डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के जरिए ई-वेरिफाई जरूर करें। बिना वेरिफिकेशन वाले रिटर्न को अनफाइल्ड माना जाता है। अगर प्रोसेसिंग के बाद कोई मिसमैच दिखता है, तो पोर्टल पर सेक्शन 154 के तहत रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट भेजें या री-प्रोसेसिंग की मांग करें। आप अपने अकाउंट में लॉगिन करके इसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं।

Story first published: Thursday, August 20, 2026, 11:36 [IST]

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