जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस और विरोध भी देखने को मिला।
जंतर-मंतर पर जारी भूख हड़ताल के बीच सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
- Published: 18 Jul 2026, 09:06 AM IST
- Last Updated: 18 Jul 2026, 09:06 AM IST
Sonam Wangchuk Health Update: जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस की निगरानी में सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया, जिसके चलते मौके पर हल्का हंगामा भी हुआ।
वांगचुक पिछले 21 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी निगरानी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन को निर्देश दिया था कि सोनम वांगचुक का नियमित मेडिकल परीक्षण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसी क्रम में उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
9.5 किलो से ज्यादा घटा वजन
डॉक्टरों के अनुसार भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है। हालिया स्वास्थ्य जांच में उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया था।
चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक उपवास का असर शरीर की ऊर्जा, मांसपेशियों और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर भी पड़ सकता है। इसी कारण मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अन्य प्रदर्शनकारियों की हालत भी चिंता का विषय
सोनम वांगचुक के साथ आंदोलन में शामिल आईसा की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं। मेडिकल टीम के अनुसार नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है। वहीं आमीन और मनीष की स्वास्थ्य स्थिति भी लगातार कमजोर होती बताई जा रही है।
क्या है प्रदर्शन की मुख्य मांग?
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। फिलहाल प्रदर्शन और स्वास्थ्य स्थिति दोनों पर प्रशासन तथा मेडिकल टीम की नजर बनी हुई है।