जयपुर में भाजपा और सामाजिक कार्यकर्ता का धरना स्थगित, वीडियो में देंखे JDA-पुलिस पर भूमाफिया से मिलीभगत के आरोप

Published on 20 अग॰ 2026

जयपुर में भाजपा और सामाजिक कार्यकर्ता का धरना स्थगित, वीडियो में देंखे JDA-पुलिस पर भूमाफिया से मिलीभगत के आरोप

जयपुर में जेडीए और पुलिस प्रशासन पर भूमाफिया के साथ मिलीभगत कर अन्यायपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए भाजपा और सामाजिक कार्यकर्ता बद्री सिंह राजावत की ओर से चलाया जा रहा धरना स्थगित कर दिया गया है। राजावत ने बताया कि उच्चस्तरीय आश्वासन मिलने और उनकी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद शहीद स्मारक और पुलिस कमिश्नरेट के बाहर चल रहे धरने को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया। बद्री सिंह राजावत लंबे समय से इस मामले को लेकर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवाए गए और जयपुर विकास प्राधिकरण यानी JDA तथा पुलिस प्रशासन की ओर से उनके साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई की गई।

पांच मांगों पर सहमति के बाद स्थगित हुआ धरना

राजावत के अनुसार, अधिकारियों और संबंधित स्तर पर हुई बातचीत के बाद उनकी पांच प्रमुख मांगों को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिला है। इसी आधार पर उन्होंने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आश्वासनों के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को दोबारा शुरू किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करना नहीं, बल्कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित कराना है। राजावत ने प्रशासन से राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्रवाई करने की मांग की है।

भूमाफिया पर जबरन सड़क बनवाने का आरोप

राजावत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाकर भूमाफिया  जुड़े राजाराम गुर्जर की ओर से जबरन सड़क बनवाने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि इस मामले में पूर्व महापौर के पति राजाराम के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण को लेकर विवाद के बावजूद प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। राजावत का दावा है कि उन्होंने संबंधित जमीन और सड़क से जुड़े मामले में नियमों के पालन की मांग की थी, लेकिन इसके बाद उन पर ही कार्रवाई शुरू कर दी गई।

झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज करवाए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस और जेडीए की कार्रवाई से उन्हें लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी के विरोध में उन्होंने शहीद स्मारक और पुलिस कमिश्नरेट के बाहर धरना शुरू किया था।राजावत के समर्थन में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं और अन्य सामाजिक लोगों ने भी आंदोलन में भाग लिया। धरने के दौरान प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाती रही।

आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन रोका

अब उच्चस्तरीय आश्वासन और पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित कर दिया गया है। राजावत ने कहा कि वह प्रशासन की ओर से किए गए आश्वासनों के आधार पर आंदोलन रोक रहे हैं।हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यदि तय समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई या मामले में फिर से अन्यायपूर्ण कार्रवाई की गई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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