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सार
Jharkhand JPSC Exam Scam: झारखंड में जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के बीच आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। CID 10 अगस्त से तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगी।

JPSC सदस्यों का ने दिया इस्तीफा (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
JPSC Members Resignation: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है।
हालांकि, उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने आयोग के तीनों सदस्यों से पूछताछ का कार्यक्रम तय किया है। अधिकारियों के अनुसार, 10 अगस्त से तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ होगी।
जेपीएससी के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
झारखंड में जेपीएससी की परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है।
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तीनों सदस्यों के इस्तीफे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इस संबंध में राज्य सरकार या आयोग की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब जेपीएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
10 अगस्त से CID करेगी पूछताछ
कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने जेपीएससी के तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, 10 अगस्त को डॉ. अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद 11 अगस्त को डॉ. अनिमा हांसदा और 12 अगस्त को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ होगी।
जांच के दौरान तीनों से परीक्षा प्रक्रिया, आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए जा सकते हैं।अधिकारियों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर CID तीनों सदस्यों को दोबारा पूछताछ के लिए भी बुला सकती है।
पूर्व अध्यक्ष और मुख्य सचिव से भी हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में CID की जांच पहले से जारी है। जांच एजेंसी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार दौर की पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ के दौरान उनसे परीक्षा प्रक्रिया, आयोग में लिए गए फैसलों और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई थी। अब आयोग के तीन वर्तमान सदस्यों से पूछताछ की तैयारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
14वीं जेपीएससी परीक्षा की जांच पर फोकस
CID की जांच का प्रमुख फोकस 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर है। परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली के आरोपों को लेकर अभ्यर्थी लगातार सवाल उठा रहे हैं। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। इसी मामले को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन भी जारी है। आंदोलनकारी अभ्यर्थी परीक्षा से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान चाहते हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर और एजेंसी के अकाउंटेंट से भी पूछताछ
CID की कार्रवाई केवल जेपीएससी के अधिकारियों और सदस्यों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। शनिवार को मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से पूछताछ जारी रही।
दोनों से परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों के बीच संपर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। CID पांच दिनों की रिमांड के दौरान दोनों से मिले तथ्यों और बयानों को जांच के दूसरे पहलुओं से जोड़कर देख रही है।
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और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर CID आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर ही लिया जाएगा। CID परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के बीच संपर्क की भी पड़ताल कर रही है।
