कल का मौसम, 13 अगस्त: देश में मॉनसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ने वाला है. राजस्थान, बंगाल, समेत 4 राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
कल का मौसम, 13 अगस्त: देश में मॉनसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ने वाला है. राजस्थान, बंगाल, समेत 4 राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
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कल का मौसम, 13 अगस्त: देश भर में मॉनसून की चाल एक बार फिर से तेजी से बदलने वाली है. मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए तेज बारिश और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है. अगर आप आने वाले दिनों में कहीं यात्रा करने या काम से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का यह ताजा हाल जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. आज राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होने से इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां काफी तेज होंगी. इसके अलावा दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी हल्के बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी के साथ लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
ऑरेंज अलर्ट और किसानों के लिए जरूरी सलाह
पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में आज मौसम का रुख सबसे ज्यादा सख्त रह सकता है. इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने और बादलों की गर्जना के साथ बिजली गिरने का भी बड़ा खतरा बना रहेगा. मौसम के इस बदलते रूप को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए पानी की निकासी का सही इंतजाम रखना बहुत जरूरी है. आंधी और तूफान के समय अपने मवेशियों को किसी पक्के और सुरक्षित स्थान पर बांधें तथा खेती के कीमती सामान को भी खुले में न छोड़ें.
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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम का यह दौर यहीं खत्म नहीं हो रहा है. बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी भाग में 13 अगस्त के आसपास एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार लेने जा रहा है. इसके साथ ही देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी एक दूसरा मौसम सिस्टम पहले से ही सक्रिय बना हुआ है. इन दोनों के आपस में मिलने से मॉनसून का असर और अधिक गहरा हो जाएगा. 13 और 14 अगस्त को इसका सबसे बड़ा प्रभाव ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा. इन राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. इसके बाद 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन यह बारिश आगे बढ़ते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंच सकती है.
| शहर | अधिकतम तापमान (13 अगस्त) | न्यूनतम तापमान (13 अगस्त) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 36°C | 29°C |
| मुंबई | 29°C | 27°C |
| चेन्नई | 36°C | 29°C |
| कोलकाता | 30°C | 27°C |
| लखनऊ | 35°C | 28°C |
| पटना | 34°C | 28°C |
| रांची | 28°C | 23°C |
| भोपाल | 28°C | 24°C |
| जयपुर | 33°C | 26°C |
| शिमला | 27°C | 21°C |
| नैनीताल | 27°C | 22°C |
16 अगस्त से बदलेगी मॉनसून की दिशा
15 अगस्त के बाद मौसम का पूरा चक्र एक बार फिर पलटने वाला है. 16 अगस्त से मॉनसून की मुख्य पट्टी यानी ट्रफ लाइन उत्तर दिशा की ओर खिसकना शुरू कर देगी. इसके चलते बारिश का मुख्य केंद्र बिहार, नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के तलहटी वाले इलाके बन जाएंगे. जब मॉनसून ट्रफ उत्तर में पहाड़ों की तरफ खिसकती है, तो मैदानी और दक्षिणी इलाकों में बारिश काफी कम हो जाती है. मौसम की इस स्थिति को जानकार मॉनसून में ब्रेक लगना भी कहते हैं. अनुमान जताया जा रहा है कि मौसम का यह रुख लगभग 20 अगस्त तक लगातार बना रह सकता है.
पहाड़ी और तलहटी इलाकों में बढ़ेगा खतरा
जब मॉनसून ट्रफ उत्तर की तरफ खिसकेगी, तो हिमालय की तलहटी में बसे इलाकों में बारिश का दौर बेहद तेज हो जाएगा. 16 अगस्त से लेकर 20 अगस्त के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. पहाड़ों में लगातार बारिश होने से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. इसके साथ ही पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का भी डर बना रहेगा. इसलिए इन इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है.
मध्य और दक्षिण भारत में धीमी पड़ेगी रफ्तार
उत्तर भारत और पहाड़ों में बारिश बढ़ने का सीधा असर देश के बाकी हिस्सों पर पड़ेगा. पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत में 16 अगस्त के बाद मॉनसून की रफ्तार काफी धीमी पड़ जाएगी. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और दक्षिण भारत के अधिकतर राज्यों में मौसम सूखा या हल्की फुहारों तक सीमित रह सकता है. फिलहाल 21 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में कोई नया बड़ा सिस्टम बनता नजर नहीं आ रहा है. हालांकि अगर हवाओं की दिशा और नमी के बहाव में बदलाव आता है तो मौसम का यह अनुमान बदल भी सकता है. फिलहाल अगले कुछ दिनों तक देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहने वाला है.
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