लखनऊ के KGMU की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी की डेंगू से मौत के मामले को लेकर मंगलवार शाम एसएन मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। शाम करीब 6 बजे निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च में छात्रों ने अटेंडेंस के सख्त नियमों और बीमार होने पर मेडिकल
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छात्रों ने कहा कि यूपी के लगभग सभी मेडिकल कॉलेजों में अटेंडेंस को लेकर छात्र परेशान हैं। उनकी मांग है कि बीमारी के दौरान छात्रों पर कॉलेज आने और उपस्थिति पूरी करने का दबाव न बनाया जाए।
नर्सिंग छात्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में अटेंडेंस के नियमों के कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि दिव्यांशी डेंगू और टाइफाइड से परेशान थी। छात्रों का आरोप है कि इसके बावजूद उसका मेडिकल अप्रूव नहीं किया जा रहा था और बार-बार अटेंडेंस पूरी करने के लिए कॉलेज आने को कहा जा रहा था। शिवानी ने कहा कि बीमारी की स्थिति में छात्रों को इलाज और आराम का पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

कैंडल जला कर दी श्र d
छात्रा ने कहा कि दिव्यांशी के साथ जो हुआ, वह बहुत गलत है। आगे किसी और छात्र के साथ ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नियमों में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बार छात्र चुप नहीं बैठेंगे और अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाएंगे। रूबी ने अन्य छात्रों से भी गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कल को ऐसी स्थिति किसी और छात्र के सामने भी आ सकती है, इसलिए इस बार सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए।
नर्सिंग छात्र ने कहा कि KGMU में उनके साथी के साथ जो हुआ, वह किसी और छात्र के साथ नहीं होना चाहिए। इसी संदेश के साथ एसएन मेडिकल कॉलेज में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया।

नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन
हॉस्टल, पानी और खाने की समस्या भी उठाई
छात्रों ने अटेंडेंस के साथ हॉस्टल, पीने के पानी और खाने की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि कई मेडिकल कॉलेजों में इन बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्र परेशान रहते हैं। छात्रों ने मांग की कि हॉस्टल में साफ पानी, बेहतर भोजन और उचित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पढ़ाई के साथ रहने की समस्याओं से भी राहत मिल सके।
ऐसे सामने आया KGMU का मामला
दिव्यांशी यादव KGMU में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उसे 11 सितंबर को बुखार आया था। 16 सितंबर को डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड समेत जांच कराई गई। छात्रों के अनुसार, उसकी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तबीयत बिगड़ने पर 17 सितंबर की शाम उसके माता-पिता उसे लेकर वाराणसी चले गए। वहां इलाज के दौरान 19 सितंबर को उसकी मौत हो गई। रिपोर्टों में उसकी मौत डेंगू के इलाज के दौरान होने की जानकारी दी गई है।
दिव्यांशी की मौत के बाद KGMU में नर्सिंग छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि बीमारी के दौरान भी छुट्टी और अटेंडेंस को लेकर दबाव बनाया गया। वहीं, KGMU प्रशासन की ओर से कहा गया कि छात्रा की जांचें कराई गई थीं और उसकी ज्यादातर रिपोर्ट सामान्य थीं। प्लेटलेट्स भी सामान्य बताए गए। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
KGMU में भी छात्रों ने उठाई आवाज
दिव्यांशी की मौत के बाद KGMU के नर्सिंग छात्रों ने कक्षाएं बंद कर प्रदर्शन किया। छात्रों ने अटेंडेंस के नियमों में बदलाव, बीमार छात्रों को मेडिकल अवकाश देने और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद KGMU नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल के इस्तीफे की भी जानकारी सामने आई है।