Published: Saturday, October 17, 2026, 8:27 [IST]
LK Advani Hospitalised: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। 16 अक्टूबर शाम को सीने में इन्फेक्शन की शिकायत के बाद उन्हें नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
98 साल के इस दिग्गज नेता को पल्मोनरी डिपार्टमेंट में रखा गया है, जहां डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत अभी स्थिर है और मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं।
लालकृष्ण आडवाणी की सेहत को लेकर पहले भी अस्पताल में भर्ती होने की खबरें आ चुकी हैं। इसी साल मई में भी उम्र से जुड़ी दिक्कतों की वजह से उन्हें अपोलो अस्पताल लाया गया था, जहां कुछ दिन इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।
इसके अलावा दिसंबर 2024 में भी उन्हें इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था, जहां न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में उनका इलाज हुआ था। डॉक्टरों ने तब जानकारी दी थी कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
लालकृष्ण आडवाणी को क्या हुआ? (LK Advani Health Update)
लालकृष्ण आडवाणी को सीने में इन्फेक्शन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 16 अक्तूबर उन्हें अपोलो अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में रखा गया। यहां फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखने के साथ मेडिकल जांच भी कर रहे हैं।
इस साल मई में भी आडवाणी को उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। इससे पहले दिसंबर 2024 में उन्हें इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया था।
उस समय न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में उनकी जांच और इलाज हुआ था। अस्पताल ने तब भी उनकी हालत स्थिर बताई थी। 17 दिसंबर 2024 को अस्पताल ने जानकारी दी थी कि उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और अगले एक-दो दिनों में उन्हें ICU से बाहर शिफ्ट किया जा सकता है।
राम रथ यात्रा और राजनीतिक सफर
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति में बीजेपी को फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले मुख्य चेहरों में गिने जाते हैं। वे 1986 से 1990, 1993 से 1998 और फिर 2004 से 2005 तक तीन बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं।
देश की राजनीति में राम मंदिर आंदोलन को धार देने के लिए उन्होंने 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ से ऐतिहासिक 'राम रथ यात्रा' की शुरुआत की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 1990 को बिहार के समस्तीपुर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और यात्रा रोक दी गई थी।
गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री का कार्यकाल
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार में लालकृष्ण आडवाणी ने 1998 से 2004 तक देश के केंद्रीय गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2002 से 2004 तक वे देश के उप-प्रधानमंत्री भी रहे।
उनके गृह मंत्री रहते हुए ही साल 1999 का कारगिल युद्ध और दिसंबर 2001 में संसद पर आतंकी हमला जैसी बड़ी घटनाएं हुईं। इससे पहले मोरारजी देसाई की सरकार में वे 1977 से 1979 तक सूचना और प्रसारण मंत्री भी रह चुके हैं।
देश का सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न'
राजनीति और देश के लिए उनके लंबे योगदान को देखते हुए साल 2024 में लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया। इससे पहले साल 2015 में उन्हें 'पद्म विभूषण' मिल चुका है। उनका जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्तान में) हुआ था। आज भी वे बीजेपी के इतिहास और राजनीतिक सफर के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं।