
गॉल गैलेंट्स को 4 बार फाइनल खेलने के बाद पहली सफलता मिलीImage Credit source: LPL Instagram
विवादों के बीच लंका प्रीमियर लीग (LPL) का एक और सीजन पूरा हो गया और इस बार लीग को नया चैंपियन मिल गया है. इस सीजन में अपने मालिकों के कारण बवाल में फंसी जाफना किंग्स का उथल-पुथल भरा सफर फाइनल में आकर खत्म हो गया. खिताबी मुकाबले में गॉल गैलेन्ट्स ने जाफना को बेहद आसानी से हरा दिया और पहली बार चैंपियन बन गई. दासुन शानका की कप्तानी वाली गॉल ने 95 गेंदों में लक्ष्य हासिल किया और 5 विकेट से फाइनल जीत लिया.
शनिवार 8 अगस्त को कोलंबो में जाफना किंग्स और गॉल गैलेंट्स के बीच ये फाइनल खेला गया. लीग का पिछला सीजन 2024 में खेला गया था, जिसे जाफना ने ही जीता था और 4 बार LPL की चैंपियन जीत चुकी थी. मगर इस बार वो अपनी खिताबी सफलता दोहरा नहीं सकी. गॉल ने उसे इस बार खिताब की खुशबू भी नहीं लगने दी और पहले ही सधी हुई गेंदबाजी से अपना काम आसान कर लिया था.
आर प्रेमदासा स्टेडियम में पहले बैटिंग करते हुए जाफना की पूरी पारी 19.3 ओवर में सिर्फ 123 रन पर निपट गई थी. टीम के लिए ओपनर कामिल मिशारा ने सबसे ज्यादा 41 रन बनाए. वहीं गॉल की ओर से स्पिनर चरित असलंका और पेसर ईशान मलिंगा ने 3-3 विकेट लिए. इसके बाद बारी गॉल के बल्लेबाजों की थी. सिर्फ 10 रन पर 2 विकेट गंवाने के बाद थॉमस रॉजर्स और दिनुरा कालुपहाना ने पारी को संभाल दिया. अंत में कप्तान शानका और सहन अरच्चिगे ने मिलकर टीम को सिर्फ 15.5 ओवर यानि 95 गेंदों में ही लक्ष्य तक पहुंचा दिया.
इसके साथ ही 4 बार फाइनल खेलकर और 3 बार ट्रॉफी से चूकने के बाद गॉल गैलेंट्स ने पहली बार चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त कर लिया. गॉल के लिए ये जीत इसलिए भी खास है क्योंकि तीनों बार उसे फाइनल में जाफना से ही हार का सामना करना पड़ा था. वहीं इस सीजन की शुरुआत अपने पूर्व मालिक मनजोत कालरा के रिश्वत कांड में गिरफ्तारी के बवाल से शुरू करने वाली जाफना को भारतीय दिग्गज जहीर खान की ओनरशिप का सहारा जरूर मिला लेकिन सीजन का अंत भी उसके लिए निराशा के साथ ही हुआ.

सुमित सुन्द्रियाल
इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.
Read More