​Lucknow Kanpur Expressway Toll Free: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर नहीं देना होगा टोल टैक्स, सड़क धंसने के बाद NHAI का बड़ा फैसला - Haribhoomi

Published on 5 अग॰ 2026

​लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह सड़क धंसने और खराब निर्माण की शिकायतों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI ने टोल वसूली रोक दी है। जब तक सड़क की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक वाहन चालकों को कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे

  • Published: 05 Aug 2026, 06:27 PM IST
  • Last Updated: 05 Aug 2026, 06:27 PM IST

​लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के बाद NHAI ने रोकी टोल वसूली ​महज कुछ दिन पहले ही शुरू हुए 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उद्घाटन के 20 दिन पूरे होने से पहले ही सोशल मीडिया पर सड़क धंसने और ऊपरी परत उधड़ने की तस्वीरें वायरल होने लगीं। जनता की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और NHAI ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिराने के साथ ही ठेकेदार कंपनी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

​उद्घाटन के 20 दिन के भीतर उधड़ी सड़क, NHAI ने रोकी टोल वसूली

13 जुलाई को उद्घाटित हुए इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे की हालत कुछ ही हफ्तों में खस्ताहाल हो गई। जगह-जगह सड़क धंसने और पैचवर्क सामने आने के बाद आम जनता में नाराजगी फैल गई। एनएचएआई ने त्वरित कदम उठाते हुए फिलहाल टोल वसूली पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सड़क को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक वाहन चालकों से टोल नहीं वसूला जाएगा।

NHAI has taken stringent action against the concessionaire, Independent Engineer and concerned officials following the identification of issues on the Kanpur–Lucknow Expressway. Immediate corrective measures have also been initiated to restore the affected stretch and strengthen… pic.twitter.com/PhNlOLuKKl

— IANS (@ians_india) August 5, 2026

​प्रोजेक्ट डायरेक्टर हटाए गए, ठेकेदार कंपनी पर होगी भरपाई की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर उनकी जगह बरेली के परियोजना निदेशक नवरत्न को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्माण कार्य करने वाली ठेकेदार कंपनी पीएनसी PNC के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है और मरम्मत का पूरा खर्च व टोल नुकसान की भरपाई उसी से की जाएगी।

​जांच के लिए बुलाई गई आईआईटी खड़गपुर की विशेष टीम

एक्सप्रेसवे के निर्माण में बरती गई लापरवाही की तकनीकी जांच के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी खड़गपुर की टीम को बुलाया गया है। यह टीम दो दिन के भीतर मौके का मु मुआयना करेगी और एक हफ्ते के अंदर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपेगी। फिलहाल मौके पर सुरक्षा और आवागमन को सुचारू रखने के लिए करीब 5 किलोमीटर का डायवर्जन लगाया गया है। अधिकारियों का दावा है कि इससे यातायात की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा है।

​मरम्मत कार्य तेजी से जारी, 6 अगस्त तक पूरा होने का दावा

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने जानकारी दी है कि एक्सप्रेसवे की कमियों को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 6 अगस्त तक सड़क की पूरी मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, यात्रियों को भले ही फिलहाल टोल न देने से आर्थिक राहत मिली है, लेकिन इतनी जल्दी सड़क के खराब होने से देश के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है।