MCQ पैटर्न पर ही होंगी ODD सेमेस्टर की परीक्षा: DDU में परीक्षा समिति ने लिया फैसला, पैटर्न बदलने पर छात्रों ने विरोध किया था - Gorakhpur News

Published on 6 अक्टू॰ 2026

गोरखपुर में दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं MCQ पैटर्न में ही होंगी। जबकि नए एडमिशन वाले छात्रों यानि पहले सेमेस्टर की परीक्षा मिक्स्ड पैटर्न (MCQ और डिस्क्रिप्टिव) में कराई जाएगी।

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यह फैसला कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में मंगलवार को ली गई। बता दें कि कुछ समय पहले परीक्षा समिति ने पुराने पैटर्न में बदलाव करते हुए यह निर्णय लिया था कि ऑड सेमेस्टर की परीक्षाएं डिस्क्रिप्टिव पैटर्न पर होंगी।

जिसका छात्रों ने विरोध किया था और परीक्षा MCQ पैटर्न पर ही कराने की मांग की थी। इसके संबंध उन्होंने कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा था। जिसपर उन्हें छात्र हित में फैसला लेने का आश्वासन दिया गया था।

परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर (बीए एलएलबी आदि) की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आयोजित की जाएंगी।

परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर (बीए एलएलबी आदि) की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आयोजित की जाएंगी।

पहले सेमेस्टर में 35 MCQ, 5 शॉर्ट और 2 लांग क्वेश्चन पूछे जाएंगे परीक्षा समिति के फैसले के अनुसार पहले सेमेस्टर की परीक्षा में विद्यार्थियों का मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक, दोनों प्रकार के प्रश्नों के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा में कुल 35 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और वस्तुनिष्ठ खंड कुल 35 अंकों का होगा।

इसके अलावा 5 लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न 4 अंकों का होगा और विद्यार्थियों को प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में देना होगा। वहीं, परीक्षा में 2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे, जिनमें प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का होगा। इनके उत्तर लगभग 200 शब्दों में देने होंगे। इस प्रकार प्रश्न-पत्र कुल 75 अंकों का होगा। वर्णनात्मक प्रश्नों के उत्तर उत्तर पुस्तिका में निर्धारित स्थान पर ही लिखने होंगे।

पुराने पैटर्न पर ही होगी इन सेमेस्टर की परीक्षाएं परीक्षा समिति ने निर्णय लिया कि तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर (बीए एलएलबी आदि) की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आयोजित की जाएंगी। विषम सेमेस्टरों की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र पूर्व निर्धारित बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न पद्धति ही लागू रहेगी।

कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक

कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक

प्रायोगिक परीक्षाएं 20 नवंबर तक कराना अनिवार्य परीक्षा समिति ने सभी प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर भी समय-सीमा निर्धारित की है। सभी महाविद्यालयों को 20 नवंबर तक प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न करानी होंगी तथा 25 नवंबर तक उनके अंक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।

निर्धारित समय-सीमा में यदि किसी महाविद्यालय द्वारा प्रायोगिक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जाती है, तो विश्वविद्यालय द्वारा संबंधित विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा विश्वविद्यालय परिसर अथवा किसी अन्य संबद्ध महाविद्यालय में विश्वविद्यालय स्तर से आयोजित कराई जाएगी।

परीक्षा समिति ने सभी प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर भी समय-सीमा निर्धारित की है।

परीक्षा समिति ने सभी प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर भी समय-सीमा निर्धारित की है।

मिड-टर्म मूल्यांकन में बेहतर अंक मान्य होंगे बैठक में मिड-टर्म मूल्यांकन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सभी सेमेस्टर के विद्यार्थियों के दो मिड-टर्म मूल्यांकन कराए जाएंगे। पहला मिड-टर्म मूल्यांकन 20 अक्टूबर से पहले और दूसरा मिड-टर्म मूल्यांकन 20 नवंबर से पहले कराया जाएगा।

दोनों मूल्यांकनों में विद्यार्थी द्वारा प्राप्त अधिकतम अंक को अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी का किसी कारणवश एक मिड-टर्म मूल्यांकन छूट जाता है, तो उसके द्वारा दिए गए एकमात्र मूल्यांकन में प्राप्त अंक ही अंतिम रूप से मान्य होंगे। सभी विद्यार्थियों के मिड-टर्म मूल्यांकन के अंक 25 नवंबर तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

पूर्व से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए वर्णनात्मक प्रश्नपत्र परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया कि कृषि के विद्यार्थियों की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वर्णनात्मक (Subjective) पद्धति से ही आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार परास्नातक (PG) स्तर की सभी परीक्षाएं भी पूर्व की भांति वर्णनात्मक पद्धति से आयोजित होंगी।