लुधियाना के पूर्व MLA बोले- मैं राहुल गांधी का साथी: सच बोलना नहीं छोड़ूंगा, मानहानि केस में सजा के बाद भड़के सिमरजीत बैंस - Ludhiana News

Published on 20 अक्टू॰ 2026

लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और लुधियाना के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए।

लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और लुधियाना के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने मानहानि केस में एक साल की सजा सुनाए जाने के बाद इसे लोकतंत्र और बोलने की आजादी पर हमला बताया। दशहरे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने राहुल गांधी से अपनी तुलना की और कहा कि वह

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पूर्व MLA ने कहा कि मैं राहुल गांधी का साथी हूं। उन्हें भी सूरत कोर्ट ने मोदी सरनेम विवाद में 2 साल की सजा सुनाई थी। उनकी सांसदी चली गई, बंगला छिन गया, लेकिन क्या उन्होंने सच बोलना बंद किया? नहीं, तो मैं भी चुप नहीं बैठूंगा।

अब 4 पॉइंट में पढ़ें क्या बोले सिमरजीत बैंस…

  • 13 बार जा चुका हूं जेल: प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंस ने अपने राजनीतिक संघर्षों का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कहा कि उनके लिए जेल जाना कोई नई बात नहीं है। वह पहली बार 12 साल की उम्र में धर्म युद्ध मोर्चे के दौरान जेल गए थे। अपने 25 साल के राजनीतिक करियर में वह रेत माफिया, केबल माफिया और ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ते हुए 13 बार जेल जा चुके हैं और लगभग पौने पांच साल जेल में बिता चुके हैं।
  • हाईकोर्ट के जज का किया था स्टिंग: खुद को एंटी-करप्शन आइकॉन बताते हुए बैंस ने 2019 का वह विवादित मामला भी याद दिलाया, जब उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज का स्टिंग किया था। बैंस ने कहा कि सुखपाल खैहरा की जमानत रद्द कराने के लिए एक जज ने 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। मैंने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में ऑडियो लीक कर दिया था और विधानसभा में उस जज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया था। अदालतें उनके लिए मंदिर हैं, लेकिन कोई वहां बैठकर रिश्वत मांगेगा तो वे उसे भी बेनकाब करेंगे।
  • सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे: सिमरजीत बैंस ने साफ किया है कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले के खिलाफ पटियाला सेशन कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी सजाओं से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे और जेल में भी 'देश की सेवा के गीत गुनगुनाते रहेंगे।
पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस। -फाइल फोटो

पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस। -फाइल फोटो

क्या है मामला, जिसमें मिली बैंस को सजा

  • 2018 का मामला: पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद और नशा मुक्ति केंद्रों को दवाइयों की सप्लाई में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे थे। तत्कालीन विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे।
  • फार्मा कंपनी से संबंध का आरोप: बैंस ने आरोप लगाया था कि ब्रह्म मोहिंद्रा के फार्मा कंपनी 'Arbour Biotech' से कथित संबंध हैं। स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने आरोपों को निराधार, भ्रामक और छवि खराब करने वाला बताते हुए अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
  • आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं: अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि सिमरजीत सिंह बैंस द्वारा लगाए गए आरोपों के पक्ष में पर्याप्त या ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके।
  • अदालत ने सुनाई एक साल की सजा: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एकता सहोता ने फैसले में कहा कि बिना सबूत लगाए गए आरोपों से शिकायतकर्ता की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर बैंस को दोषी ठहराया गया।