Screen Guards ISI Mark: अक्सर लोग महंगा फोन (Mobile Phone) खरीदने के बाद उसकी स्क्रीन सेफ रखने के लिए महंगे स्क्रीन गार्ड (Screen Guard) भी डलवाते हैं लेकिन कई बार वे इसमें ठगे भी जाते हैं। पर अब ऐसा नहीं होगा। सरकार (government-decision) ने स्क्रीन प्रोटेक्टर (Screen Protector) के उत्पादों के लिए अब भारतीय मानक ब्यूरो का रजिस्ट्रेशन यानी BIS जरूरी कर दिया है। यानी अब आपके स्मार्ट फोन (Smart Phone) का स्क्रीन गार्ड भी ISI प्रमाणित होगा। इसके लिए सरकार ने गजट नोटिफिकेशन ( gazette notification) भी जारी कर दिया है।
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अब स्क्रीन गार्ड भी होंगे ISI मार्क वाले
आपको बता दें स्क्रीन प्रोटेक्टर (Screen Protector) को उन उत्पादों की श्रेणी में डाला जिन्हें ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के सर्टिफिकेट लेना ज़रूरी है। गौरतलब है मोबाइल खरीदने के बाद ज्यादातर लोग सबसे पहले उस पर स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास भी लगवाते हैं ताकि मोबाइल के गिरने टूटने पर स्क्रीन टूटने से बचे।
क्यों बनाना पड़ा स्क्रीन गार्ड को लेकर नियम
अक्सर देखा होगा लोग मोबाइल के लिए बाजार में सस्ते स्क्रीन गार्ड (Saste Screen Guard) मिल जाते हैं। ये देखने में तो एक से होते हैं पर क्वालिटी क्वालिटी अलग-अलग होती है। यही कारण है कि ये कुछ स्क्रीन गार्ड आसानी से टूट जाते हैं और इन पर खरोंच आ जाती है। ऐसे में सरकार अब इस प्रोडक्ट के लिए भी एक तय गुणवत्ता मानक लागू करने जा रही है।
क्या होगा नया नियम?
स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण वाली चीजों की लिस्ट में शामिल करने के बाद अब इसके लिए IS 19348:2025 मानक तय हो गया है। इसका नाम ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर स्पेसिफिकेशन है।
क्या लागू हो गया है नया नियम
आपको बता दें अभी ये नियम लागू नहीं होगा। सरकारद्वारा इसे 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का फैसला लिया है। कंपनियों और निर्माताओं के पास नए मानक के हिसाब से अपने प्रोडक्ट तैयार करने के लिए अभी करीब 6 महीने का समय है। इसके बाद स्क्रीन गार्ड बनाने और बेचने वाली कंपनियों को तय नियमों का पालन करना होगा।
क्या होगा आम आदमी पर असर
इस नियम के लागू होने के बाद आम जनता को दिए गए पैसों में क्वालिटी वाला स्क्रीन गार्ड मिलेगा। इससे उनका फोन भी सुरक्षित रहेगा। मानक लागू होने से कम गुणवत्ता वाले सामान पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका मतलब ये भी नहीं है कि हर स्क्रीन गार्ड की कीमत बढ़ेंगी। आपको बता दें मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और लैपटॉप एडाप्टर जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट पहले से ही BIS के अनिवार्य पंजीकरण के दायरे में हैं।
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