दिल्ली/भोपाल10 मिनट पहले
- कॉपी लिंक


खड़गे ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रया जाहिर की।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्यप्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल के कथित घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र और भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है।
उन्होंने करीब ₹1200 करोड़ के चावल घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए इस्तेमाल होने वाले चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया।
भास्कर ने किया था खुलासा
दरअसल, दैनिक भास्कर ने अपनी पड़ताल में मध्यप्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर करीब ₹1160 करोड़ के सरकारी चावल के कथित खेल का खुलासा किया था। पड़ताल के मुताबिक, करीब 5 लाख मीट्रिक टन यानी 50 लाख क्विंटल सरकारी चावल में से ज्यादातर का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में नहीं हुआ और यह चावल दोबारा सरकारी गोदामों तक पहुंच गया। इस चावल की कीमत करीब ₹1160 करोड़ बताई गई।
खड़गे बोले- एक घोटाला खत्म नहीं होता, दूसरा सामने आ जाता है
खड़गे ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, 'मध्यप्रदेश आज भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र और भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। एक घोटाला खत्म नहीं होता, दूसरा सामने आ जाता है।' उन्होंने कहा कि अब एथेनॉल के नाम पर ₹1200 करोड़ का चावल घोटाला सामने आया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि जिस चावल का इस्तेमाल कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के पोषण के लिए होना था, उसी चावल को मुनाफे के खेल में घुमाया गया।

5 लाख मीट्रिक टन चावल को लेकर खड़गे ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 5 लाख मीट्रिक टन चावल को राइस मिलरों, एथेनॉल माफिया और भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार के खेल का हिस्सा बना दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से जनता के हक के अनाज पर डाका डाला जा रहा है।
दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया था कि सरकार करीब ₹4 हजार प्रति क्विंटल कीमत वाले चावल को एथेनॉल प्लांट्स को ₹2320 प्रति क्विंटल में दे रही थी। यह फोर्टिफाइड चावल था, जिसमें विटामिन और मिनरल्स मिलाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल एनीमिया और कुपोषण से बचाव के लिए किया जाता है।
उज्जैन की जमीनों का मामला भी उठाया
खड़गे ने चावल के मामले के साथ उज्जैन में जमीनों से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हीं इलाकों में जमीनों का विस्तार हुआ, जहां सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और हाईवे कॉरिडोर प्रस्तावित थे। खड़गे ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री पर भी सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा, ‘हर तरफ, हर विभाग में लूट और अपनी जेबें भरने का खेल, यही भाजपा की सत्ता की लूट की कहानी है।’

‘व्यापम से शुरू हुई लूट आज तक नहीं थमी’
कांग्रेस अध्यक्ष ने व्यापम और पेपर लीक के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि व्यापम से शुरू हुई यह लूट अनगिनत पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों के बावजूद आज तक नहीं थमी है। खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मध्यप्रदेश को 'भ्रष्टाचार का मॉडल' बना दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे हर बार की तरह मौन साधे बैठे हैं। खड़गे ने कहा, ‘सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की धारणा को मोदी-शाह ने सत्ता के अहंकार तले रौंद दिया है।’

भास्कर की पड़ताल में कई बातें आईं थी सामने
दैनिक भास्कर की पड़ताल के मुताबिक, एथेनॉल बनाने के लिए आवंटित करीब 5 लाख मीट्रिक टन सरकारी चावल का ज्यादातर हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल नहीं हुआ। आरोप है कि यह चावल दूसरे रास्तों से घूमकर फिर सरकारी खरीद और गोदामों के सिस्टम में पहुंच गया। इसकी कीमत करीब ₹1160 करोड़ आंकी गई। इसी तरह चावल डायवर्जन के एक मामले की जांच में पुलिस ने एसआईटी बनाई है। जांच एजेंसियां इस आशंका की पड़ताल कर रही हैं कि एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया रियायती चावल निजी मिलों तक पहुंचाकर दोबारा सरकारी खरीद चक्र में लाया गया।
ये खबर भी पढ़ें…
एथेनॉल के नाम पर 1160 करोड़ का चावल घोटाला

देश में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को पर्यावरण-अनुकूल नीति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर सरकारी चावल के घोटाले का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल में से ज्यादातर चावल का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में हुआ ही नहीं। यह चावल दोबारा सरकारी गोदाम पहुंच गया। इसकी कीमत करीब 1160 करोड़ रुपए है। यहां पढ़ें पूरी खबर….
.