MP में आज 'No UPI Day: QR पर काला कपड़ा बांधेंगे व्यापारी; 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर MDR का विरोध - Haribhoomi

Published on 23 सित॰ 2026

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित यूपीआई शुल्क के विरोध में व्यापारी 23 सितंबर को 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। व्यापारी यूपीआई QR स्कैनर पर काला कपड़ा बांधकर सांकेतिक विरोध करेंगे। उनका विरोध 2000 रुपये से ज्यादा के लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4% MDR शुल्क को लेकर है।

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QR पर काला कपड़ा बांधेंगे व्यापारी

  • Published: 23 Sep 2026, 10:44 AM IST
  • Last Updated: 23 Sep 2026, 10:45 AM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश में यूपीआई पेमेंट पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन 23 सितंबर को 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेशभर के कारोबारियों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। व्यापारी कुछ समय के लिए अपने यूपीआई स्कैनर पर काला कपड़ा बांधकर सांकेतिक विरोध जताएंगे।

व्यापारियों का कहना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर शुल्क लागू होने से कारोबार की लागत बढ़ेगी। खासकर थोक बाजार, सराफा और वाहन कारोबार में बड़ी रकम के डिजिटल भुगतान होते हैं।

0.4% MDR शुल्क का विरोध
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के महासचिव अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लागू होने की बात सामने आई है। 75 हजार रुपये या उससे ज्यादा के लेन-देन पर शुल्क की अधिकतम राशि 3 रुपये तक होने की बात कही जा रही है।

व्यापारियों का तर्क है कि थोक कारोबार में 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान आम हैं। ऐसे में शुल्क का असर सीधे कारोबारियों की लागत पर पड़ेगा।

भोपाल के किराना बाजार में ज्यादातर पेमेंट 2000 से ज्यादा
भोपाल के थोक किराना बाजार में करीब 500 थोक और खुदरा दुकानें हैं। व्यापारियों के अनुसार यहां 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन 2000 रुपये से अधिक के होते हैं। किराना कारोबारी अनिल कुमार साहू का कहना है कि व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट के लिए प्रोत्साहित किया गया था, लेकिन अब शुल्क लगाने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

सराफा कारोबारी नवनीत अग्रवाल के मुताबिक, उनके कारोबार में 95 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान 2000 रुपये से अधिक के होते हैं। वहीं वाहन कारोबार में एक बुकिंग का भुगतान 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक हो सकता है।

चैंबर ने भी की जीरो MDR की मांग
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई लेन-देन पर शून्य MDR की मांग की है। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री और प्रदेश के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की है।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि 'नो यूपीआई डे' के जरिए वे शुल्क के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।