MP Weather: मध्य प्रदेश में 11 सितंबर तक तेज बारिश के आसार कम हैं। 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर बनेगा, जिससे 12 सितंबर से बारिश बढ़ सकती है।
MP Weather Update
- Published: 09 Sep 2026, 09:05 AM IST
- Last Updated: 09 Sep 2026, 09:05 AM IST
MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर ब्रेक लिया है। मौसम विभाग ने 11 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश का अनुमान नहीं जताया है। हालांकि, 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर सिस्टम 12 सितंबर से प्रदेश के मौसम को बदल सकता है। इसके असर से छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी समेत कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश में 3 दिन बारिश पर ब्रेक
मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। 9, 10 और 11 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बनने वाले सिस्टम और पर्याप्त नमी मिलने पर कुछ इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, इस अवधि में किसी बड़े मौसम सिस्टम के सक्रिय नहीं होने के कारण प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की उम्मीद नहीं है।
मंगलवार को मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों में भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की मौजूदगी कम नजर आई। इसका असर मौसम पर भी दिखा और भोपाल समेत कई जिलों में दिन के समय तेज धूप निकली।
11 सितंबर को बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम
मौसम में बदलाव की उम्मीद अब 11 सितंबर से है। इस दिन पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और इसका प्रभाव अगले दिन यानी 12 सितंबर से मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी सिस्टम सक्रिय नहीं है, इसलिए तेज बारिश की संभावना कम है। हालांकि, 12 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
12 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 12 सितंबर को छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा अन्य जिलों में भी स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में सिस्टम की दिशा और मजबूती के आधार पर बारिश का क्षेत्र और तीव्रता स्पष्ट होगी।
भोपाल समेत कई जिलों में निकली धूप
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम साफ रहा। भोपाल समेत अनेक जिलों में तेज धूप देखने को मिली। वहीं श्योपुर, उज्जैन, इंदौर, धार, खरगोन और बड़वानी में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई।
यानी प्रदेश में फिलहाल मौसम एक जैसा नहीं है। कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं, जबकि कई जिलों में धूप और उमस का असर देखने को मिल रहा है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सुधरा
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश के आंकड़ों में पिछले एक सप्ताह के दौरान सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में मौसमी बारिश का आंकड़ा अब सामान्य के करीब पहुंच गया है।
हालांकि कुछ जिलों में अभी भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में बारिश सामान्य से करीब 4 से 24 प्रतिशत तक कम बताई गई है। पिछले सप्ताह कई जिलों में हुई भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बने बाढ़ जैसे हालात के कारण बारिश के आंकड़ों में तेजी से सुधार हुआ है।
पश्चिमी हिस्से के कई जिले अभी पीछे
प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में कमी का आंकड़ा करीब 7 से 55 प्रतिशत तक बताया गया है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
दूसरी ओर, प्रदेश के कुछ जिलों में इस मानसून सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
इस तरह प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी असमान बना हुआ है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से बनने वाला नया सिस्टम इस स्थिति में और बदलाव ला सकता है।