मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। पूर्वी हिस्से में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका सक्रिय रहने से कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। शनिवार को तेज बारिश का दौर रहा। नदी-नाले उफान पर हैं। अब रविवार को प्रदेश के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा असर जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में रहने की संभावना है। राजधानी भोपाल में हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम केंद्र ने श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी,नदियां उफान पर
लगातार बारिश का असर अब सड़क और आवागमन पर भी दिखाई देने लगा है। बालाघाट में नैनपुर के पास भीमा नाला उफान पर आने से रास्ते पर आवागमन रोकना पड़ा। नरसिंहपुर में बरगी बांध के गेट खुले होने और लगातार बारिश के कारण नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान का रेतघाट पुल पानी में डूब गया है, जबकि नरसिंहपुर-जबलपुर मार्ग का झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है। सतना के नागौद में 24 घंटे के दौरान करीब 6.4 इंच बारिश दर्ज की गई।
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26 अगस्त तक बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहा। अब 23 से 26 अगस्त के बीच भी कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
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40 जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा कम
प्रदेश में लगातार बारिश के बावजूद कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा करीब 19 प्रतिशत तक कम है। वहीं 40 जिलों में बारिश 1 से 51 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है।पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से 2 से 47 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इसके उलट अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है।
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जुलाई में कोटा पूरा, फिर भी मौसम का हिसाब बराबर नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में मानसून सक्रिय होने के बाद बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का कोटा पूरा हो गया। हालांकि बीच में मानसून के दो ब्रेक आने से बारिश का सिलसिला प्रभावित हुआ। अगस्त के दौरान दोबारा मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय होने के बावजूद प्रदेश में अब भी कुल बारिश सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास है।