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साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए राहत की खबर है। ठगी के बाद बैंक खाते में रोकी गई रकम वापस पाने और साइबर अपराध की जांच के दौरान फ्रीज हुए बैंक खाते को खुलवाने की प्रक्रिया अब आसान हो गई है।
गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से शुरू किए गए MRM और GRM पोर्टल के माध्यम से ऐसे मामलों के समाधान की व्यवस्था की गई है। MRM व्यवस्था का लाभ विदिशा में भी लोगों को मिल रहा है। जिले में 159 मामले रकम वापस किए जाने योग्य पाए गए हैं। इनमें 147 पीड़ितों ने रिफंड के लिए आवेदन किया, जबकि 126 मामलों में संबंधित जांच एजेंसी के आदेश बैंक को भेजे गए। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 53 मामलों में 4 लाख 95 हजार 68 रुपए पीड़ितों को वापस किए जा चुके हैं।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत, एजेंट को पैसे न दें : साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 पर शिकायत करें और शिकायत का 14 अंकों का नंबर सुरक्षित रखें। रकम वापस कराने या फ्रीज खाता खुलवाने के नाम पर किसी एजेंट को पैसे न दें। MRM में रकम वापसी और GRM में खाते से जुड़ी शिकायत की प्रक्रिया अधिकृत बैंक और पुलिस व्यवस्था के माध्यम से ही आगे बढ़ती है।
साइबर ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित को 14 अंकों का शिकायत नंबर मिलता है। यदि ठगी की रकम किसी बैंक खाते में होल्ड या फ्रीज है और जांच में उसे पीड़ित को वापस किया जाना उचित पाया जाता है, तो MRM पोर्टल के जरिए रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है।
इसके लिए पीड़ित को MRM पोर्टल पर सिटीजन लॉगिन करना होगा। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉगिन करने के बाद ‘Raise Refund Request’ विकल्प चुनना होगा। 14 अंकों की शिकायत आईडी दर्ज करने पर संबंधित होल्ड रकम की जानकारी दिखाई देगी। इसके बाद पैन कार्ड, जिस बैंक खाते में रकम वापस चाहिए उसका खाता नंबर और IFSC की जानकारी भरकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली यूनिक रिक्वेस्ट आईडी से आवेदन की स्थिति भी देखी जा सकती है।
राशि वापस दिलाने का प्रयास कर रहे ^भारत सरकार ने साइबर अपराध के शिकार लोगों को राहत देने के लिए ये पोर्टल लॉन्च किए हैं। पुलिस लगातार ऐसे लोगों की पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाकर अधिक से अधिक लोगों को राहत दिलाने का प्रयास कर रही है। यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है तो 1930 पर कॉल कर भी शिकायत कर सकते हैं। - रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा