Nag Panchami Puja : नाग पंचमी पर बन रहा खास योग, जानें पूजा का सही मुहूर्त और शिव-कृपा पाने के 3 मंत्र

Published on 16 अग॰ 2026

सावन मास में इस बार नाग पंचमी सोमवार के दुर्लभ संयोग में आ रही है, जो शिव भक्तों के लिए बेहद शुभ है। शुभ मुहूर्त में पूजा और विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में शांति बनी रहती है।

Nag Panchami Puja : सावन के पवित्र महीने में नाग पंचमी का पर्व शिव भक्तों और सनातन परंपरा में विश्वास रखने वालों के लिए बेहद खास होता है।

इस दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से कुंडली के दोषों से राहत मिलती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं।

इस बार की नाग पंचमी इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि यह सोमवार के दिन पड़ रही है, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।

अगर आप भी इस दिन व्रत रख रहे हैं या घर पर पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो सही समय और विधि का ध्यान रखना जरूरी है। सही समय पर की गई पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त और तिथि

पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 16 अगस्त को दोपहर 1:22 बजे से हो रही है, जो 17 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी।

उदयातिथि के नियम के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को ही मनाया जाएगा।

  • पूजा का सबसे उत्तम समय: 17 अगस्त की सुबह 6:46 बजे से लेकर सुबह 9:37 बजे तक।
  • कुल अवधि: भक्तों को पूजा-पाठ के लिए लगभग 2 घंटे 51 मिनट का पर्याप्त समय मिलेगा।

शिव-कृपा और शुभ फल के लिए 3 असरदार मंत्र

नाग पंचमी के दिन पूजा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का ध्यान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं:

1. नाग गायत्री मंत्र

ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्।

पूजा के समय इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। यदि आप शिवलिंग पर जल या दूध अर्पित कर रहे हैं, तो मन ही मन इस मंत्र का उच्चारण करते रहें। मान्यता है कि इससे नाग देवता और भगवान शिव दोनों का आशीर्वाद मिलता है।

2. आस्तिक मुनि मंत्र

ॐ आस्तिक मुनिभ्यो नमः।

यह एक बेहद सरल और प्रभावकारी मंत्र है। नाग पंचमी के दिन इसका जाप करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और वातावरण में सकारात्मकता आती है। इस दिन रोली (कुमकुम) से इस मंत्र को घर के मुख्य द्वार पर लिखना भी शुभ माना गया है, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

3. सर्प भय निवारण मंत्र

सर्पापसर्प भद्रं ते गच्छ सर्प महाविष, जनमेजयस्य यज्ञान्ते आस्तीकवचनं स्मरण।

अगर आपको या घर के किसी सदस्य को अनजाना डर या सर्प भय रहता है, तो नाग पंचमी पर इस मंत्र का पाठ करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक यह मंत्र मानसिक तनाव और भय से राहत दिलाने में मददगार होता है।

इस बार नाग पंचमी सोमवार को होने के कारण सुबह के शुभ समय में जल, दूध, बेलपत्र और अक्षत से भगवान शिव का अभिषेक करें और इन मंत्रों का शांत मन से जाप करें।