कुरुक्षेत्र के शक्तिपीठ में श्री देवीकूप की अपनी धर्मपत्नी के साथ परिक्रमा करते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।
देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे हंगाम और विपक्ष के इस्तीफे की मांग के बीच आज शुक्रवर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां पूरे दिन वे तीन अलग-अलग प्रोग्राम में शामिल हुए। शाम को वे अपनी धर्मपत्नी मृदुला के
.
यहां पूजा-अर्चना के बाद उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हाथ जोड़कर बातचीत करने से मना कर दिया। इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के साथ करीब 6 घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। शाम करीब साढ़े 5 बजे उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में हाईलेवल रिव्यू बैठक ली।

मंदिर में चांदी के घोड़े चढ़ाते धर्मेंद प्रधान और उनकी पत्नी मृदुला प्रधान।
भद्रकाली मंदिर में चढ़ाए चांदी के घोड़े
उन्होंने हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में मन्नत पूरी होने पर श्री देवीकूप में चांदी के घोड़े अर्पित किए।मंदिर के गर्भगृह में दंडवत होकर माता के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा की ओर से उनको आशीर्वाद रूप में चुनरी और प्रसाद दिया।
पत्नी ने भी मांगी मन्नत, माला जपती रहीं
पूजा के बाद उनकी पत्नी मृदुला प्रधान ने अकेले मंदिर में जाकर मन्नत मांगी। वह करीब 15 से 20 मिनट तक मां भद्रकाली के सामने हाथ जोड़कर बैठी रहीं। यहां वे माला भी जपती नजर आईं।
RSS के साथ 6 घंटे तक चली बंद कमरे की बैठक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री सुबह करीब 11 बजे गीता निकेतन आवासीय विद्यालय पहुंचे। यहां RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक करीब 6 घंटे तक चली। इसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं की गई थी। बैठक में क्या चर्चा हुई, इसे भी पूरी तरह गोपनीय रखा गया।

मंदिर में पूजा-अर्चना करते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
सीधे NIT पहुंचे, अधिकारियों के साथ की समीक्षा
RSS बैठक खत्म होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सीधे NIT कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने संस्थान के अधिकारियों और वरिष्ठ स्टाफ के साथ करीब आधे घंटे तक हाईलेवल रिव्यू बैठक की। बैठक के बाद भी शिक्षा मंत्रालय या NIT प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
NIT के विवादों पर रही खास नजर
सूत्रों के अनुसार समीक्षा बैठक में NIT के डायरेक्टर से जुड़े विवाद, प्रशासनिक अधिकारों में हुए बदलाव, संस्थान के भीतर हुए प्रशासनिक फैसले और हाल के दिनों में छात्रों के आत्महत्या के मामलों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। माना ये भी जा रहा है कि संस्थान के हालिया घटनाक्रम और प्रशासनिक स्थिति को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
राजनीतिक बयानबाजी से बनाई दूरी
पूरे दौरे के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। उन्होंने न तो NEET विवाद पर कोई प्रतिक्रिया दी और न ही विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे इस्तीफे की मांग पर कोई टिप्पणी की।