NEET UG Topper: बेकलॉग न छोड़ें, मॉक टेस्ट सुधारें: NEET UG AIR 3 कौस्तव का पढ़ाई का अनोखा तरीका

Published on 16 अग॰ 2026

NEET UG Topper: पश्चिम बंगाल के कौस्तव बाउरी ने बिना किसी टाइमटेबल के अपनी अनोखी पढ़ाई के तरीके से NEET UG में 716 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 3 हासिल की है। आप भी ऐसे ही पढ़ाई कर सकते हैं। 

NEET UG Topper: अक्सर कहा जाता है कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नीट (NEET UG) को पास करने के लिए रोजाना 12 से 14 घंटे का टाइमटेबल बनाकर पढ़ाई करना जरूरी होता है। लेकिन पश्चिम बंगाल के आसनसोल के रहने वाले कौस्तव बाउरी ने इस पुरानी सोच को पूरी तरह से बदल दिया। कौस्तव ने बिना किसी टाइमटेबल के केवल अपने अनोखे पढ़ाई के तरीके से नीट यूजी में 720 में से 716 अंक प्राप्त करके ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल की।

कौस्तव की यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। कौस्तव ने साबित कर दिया कि अगर सही दिशा, निरंतरता और सटीक स्ट्रैटिजी के साथ पढ़ाई की जाए, तो कोई भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

716 अंक और ऑल इंडिया रैंक 3 की शानदार उपलब्धि

कौस्तव बौरी ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 720 में से 716 अंक प्राप्त किए। वे एससी (SC) कैटेगरी में ऑल इंडिया टॉपर (Rank 1) भी रहे। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और पढ़ाई का एक स्पेशल तरीका था। वे बताते हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान कभी घंटों की गिनती नहीं की, बल्कि रोजाना 7 से 8 घंटे की पढ़ाई पर ध्यान दिया।

कौस्तव की अनोखी और अनूठी पढ़ाई की स्ट्रैटिजी

कौस्तव की नीट की तैयारी अन्य टॉपर्स से काफी अलग थी। वे किसी निश्चित समय या घंटों के हिसाब से नहीं पढ़ते थे।

बिना टाइमटेबल के पढ़ाई: कौस्तव का मानना है कि पढ़ाई का कोई एक फिक्स्ड रूटीन नहीं होना चाहिए। वे तभी पढ़ते थे जब उनका मन करता था।

100% फोकस और जीरो डिस्ट्रैक्शन: भले ही वे कम घंटे पढ़ते थे, लेकिन पढ़ाई के दौरान उनका पूरा ध्यान सिर्फ किताबों पर होता था। उन्होंने पढ़ाई के वक्त खुद को सोशल मीडिया और अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजो से पूरी तरह दूर रखा।

छोटे लक्ष्य : पूरे सिलेबस को एक साथ देखने के बजाय उन्होंने चैप्टर्स को छोटे-छोटे वीकली और मंथली टारगेट में बांटा। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने सप्ताह के अंत तक किसी एक पूरे चैप्टर को समाप्त करने का लक्ष्य रखा और उसे हासिल किया।

प्रश्नों का लगातार अभ्यास: किसी भी विषय को पढ़ने के बाद वे उससे जुड़े ज्यादा से ज्यादा सवाल हल करते थे।

कौस्तव बौरी की तैयारी के लिए टिप्स

कौस्तव की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी पढ़ाई का तरीका था।

NCERT किताबों पर पूरा ध्यान: कौस्तव ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स तीनों ही विषयों के लिए NCERT की टेक्स्टबुक्स को अपना सबसे बड़ा आधार बनाया। उनका मानना है कि NEET की तैयारी के लिए NCERT की एक-एक लाइन और डायग्राम बेहद जरूरी होते हैं।

बायोलॉजी और केमिस्ट्री का रिविजन: बायोलॉजी के मुश्किल कॉन्सेप्ट्स और केमिस्ट्री की रिएक्शन को याद रखने के लिए वे लगातार शॉर्ट नोट्स बनाते थे और उनका बार-बार रिवीजन करते थे।

फिजिक्स में न्यूमेरिकल प्रैक्टिस: फिजिक्स विषय को मजबूत करने के लिए उन्होंने बेसिक फॉर्मूलों को समझा और पिछले सालों के प्रश्न पत्रों (PYQs) को हल करने पर ध्यान दिया।

मॉक टेस्ट और गलतियों का एनालिसिस: परीक्षा की सही समझ और टाइम मैनेजमेंट के लिए कौस्तव रेगुलर मॉक टेस्ट देते थे। टेस्ट देने के बाद अपनी गलतियों को सुधारना उनकी स्ट्रैटिजी का सबसे अहम हिस्सा था।

सोशल मीडिया से दूरी और परिवार का सहयोग

तैयारी के दौरान कौस्तव ने किसी भी तरह के भटकाव से बचने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से दूरी बनाए रखी। उन्होंने अपना पूरा ध्यान केवल अपनी पढ़ाई पर केंद्रित रखा। इस दौरान उनके माता-पिता और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।

अगर आप भी कौस्तव बौरी की तरह ही अच्छी स्ट्रैटिजी बनाकर नीट यूजी की तैयारी करेंगे, तो आप आसानी से NEET परीक्षा में बेहतरीन स्कोर हासिल कर सकते हैं।