भोपाल8 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

एनजीटी।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ ने भोपाल शहर में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के उचित प्रबंधन एवं निपटान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने एक मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की।
मामला RTO परिसर के पीछे रानी अवंतीबाई ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खुले स्थान पर एक्सपायर्ड दवाइयों, दवा की स्ट्रिप, सिरप की बोतलों और इंजेक्शन की शीशियों सहित जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट को कथित रूप से खुले में फेंकने एवं जलाने से संबंधित था।
एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित स्थल से जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट को तत्काल हटाकर अधिकृत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) को उपचार एवं अंतिम निपटान के लिए सौंपा गया। अधिकृत सुविधा द्वारा पुष्टि की गई कि 5.2 किलोग्राम एक्सपायर्ड दवाइयों को प्राप्त कर इंसीनरेशन के माध्यम से निपटाया गया।
संयुक्त समिति ने 27 अगस्त को पुनः स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थल खाली पाया गया। वहां एक्सपायर्ड दवाइयां, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट, राख, जला हुआ पदार्थ अथवा संबंधित घटना से जुड़ा कोई अवशिष्ट अपशिष्ट नहीं पाया गया।
एनजीटी ने यह निर्देश दिए
- जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के परिवहन वाहनों में GPS की व्यवस्था कर ऑनलाइन एवं रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाए।
- वाहन में चालक/कर्मचारियों, रंग-कोडित जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट कंटेनरों के लिए अलग-अलग केबिन की व्यवस्था हो।
- अपशिष्ट रखने वाला केबिन लीकेज-रोधी हो और वाहन पर जैव-जोखिम (Bio-Hazard) का चिन्ह प्रदर्शित किया जाए।
- वाहनों में वैध पंजीयन और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र होना आवश्यक हो।
- परिवहन मार्गों की उचित योजना बनाई जाए और यथासंभव गैर-व्यस्त यातायात समय में अपशिष्ट का परिवहन किया जाए।
- जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के उत्पन्न होने से लेकर उसके उपचार तक, जिसमें संग्रहण एवं परिवहन भी शामिल हैं, कुल समय 48 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए।
- मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह तय करें कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पास आवश्यक सहमति एवं प्राधिकरण, अधिकृत CBWTF की सदस्यता हो।
- नियमों का पालन नहीं करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- नगर निगम घरेलू एवं अस्पतालों से उत्पन्न जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के संग्रहण एवं निपटान की व्यवस्था को और मजबूत करे और जन-जागरूकता गतिविधियां बढ़ाए।
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 का कड़ाई से पालन किया जाए।
- खुले में कचरा जलाने अथवा खुले स्थान पर कचरा फेंकने की घटनाओं को रोका जाए।
मिक्स न हो कचरा, निगरानी में कोताही न बरतें
एनजीटी ने भोपाल नगर निगम को निर्देशित किया कि घरेलू स्वास्थ्य संबंधी अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर प्रभावी पृथक्करण एवं अलग संग्रहण करें। साथ ही उसे नियमित रूप से अधिकृत CBWTF को सौंपा जाए। संग्रहण एवं परिवहन के दौरान जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के मिश्रण, अनधिकृत निपटान अथवा अन्यत्र ले जाए जाने की संभावना को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी भी करने को कहा है।
.
खबरें और भी हैं...
मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर
आखिर जहरीली शराब होती क्या है, जिसने ली 22 जानें: क्या हुआ कि पहले आंखों की रोशनी गई, फिर शरीर नीला पड़ा; मौतों का जिम्मेदार कौन?
2:24- कॉपी लिंक
शेयर
LIVE
MP के सरकारी अस्पतालों में OPD बंद, मरीज परेशान: स्टाइपेंड बढ़वाने इंटर्न डॉक्टर्स का सड़कों पर धरना; पुलिस अफसर समझाने में जुटे
1:35- कॉपी लिंक
शेयर
भोपाल में ध्वनि मित्र का मेलमिलाप कार्यक्रम: ध्वनि मित्र के रंगारंग मेलमिलाप कार्यक्रम में जुटे आकाशवाणी के उद्घोषक

- कॉपी लिंक
शेयर
बाढ़ और कानून व्यवस्था के चलते चुनाव स्थगित: मध्यप्रदेश में 29 सितंबर के नगरीय निकाय-पंचायत चुनाव टले; कलेक्टरों की रिपोर्ट के बाद आयोग का फैसला

- कॉपी लिंक
शेयर