साबुन, शैम्पू और टूथपेस्ट में भी 'Non-Veg'? सरकार का बड़ा फैसला, अब पैकेट पर दिखेगा लाल-हरा निशान

Published on 22 सित॰ 2026

Soap Shampoo Toothpaste New Rule: साबुन, शैम्पू और टूथपेस्ट के पैकेट पर हरा, लाल या भूरा डॉट लगाना अनिवार्य हो गया है। जानें क्या है सरकार का नया लेबलिंग नियम?

Veg-Non Veg Cosmetics Packaging Rules: अब तक आप चिप्स, बिस्किट या किसी भी खाने के पैकेट पर हरा या लाल निशान देखकर ये तय करते थे कि वो शाकाहारी है या मांसाहारी। लेकिन अब यही नियम आपके बाथरूम और ड्रेसिंग टेबल पर रखे सामानों पर भी लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले पर्सनल-केयर प्रोडक्ट्स जैसे साबुन, शैम्पू और टूथपेस्ट के लिए वेज-नॉनवेज लेबलिंग को अनिवार्य कर दिया है। सरकार का नया नियम सोमवार, 21 सितंबर से देशभर में प्रभावी हो गया है। यानी अब आपको सामान के पीछे लिखे बारीक इंग्रीडिएंट्स (सामग्री) पढ़ने का सिरदर्द नहीं पालना पड़ेगा, बल्कि पैकेट देखते ही सब साफ हो जाएगा।

पैकेट पर क्या और कैसा दिखेगा निशान?

नए नियमों के मुताबिक कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स पर साफ दिखने वाला कलर सिंबल लगाना होगा।

शाकाहारी सामान (Vegetarian Origin): अगर प्रोडक्ट पूरी तरह शाकाहारी चीजों से बना है, तो उसके पैकेट पर हरा निशान (Green Dot) रहेगा।

मांसाहारी सामान (Non-Vegetarian Origin): अगर इसमें किसी भी तरह के नॉन-वेज तत्व का इस्तेमाल हुआ है, तो पैकेट पर लाल या भूरा निशान (Red or Brown Dot) दिखाई देगा।

पैकेट में किस जगह दिखेगा ये सिंबल?

अक्सर कंपनियां जरूरी चेतावनियां पैकेट के पीछे बेहद छोटे अक्षरों में छिपा देती हैं, लेकिन इस बार सरकार ने नियम कड़े रखे हैं। आदेश के अनुसार, ये लाल या हरे निशान पैकेट के मेन डिस्प्ले पैनल (सामने वाले हिस्से) के सबसे ऊपरी भाग (Top) पर लगाना जरूरी है। इसका फायदा ये होगा कि मॉल या दुकान के शेल्फ पर सामान देखते ही खरीदार को एक नजर में पता चल जाएगा कि प्रोडक्ट वेज है या नॉन-वेज। ये आदेश आपकी डेली लाइफ से जुड़े कई पर्सनल केयर और ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स पर लागू होगा।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स इस नए नियम के दायरे में आए?

  • नहाने का साबुन (Bathing Soaps)
  • शैम्पू और हेयर केयर प्रोडक्ट्स
  • टूथपेस्ट और ओरल केयर सामान
  • कॉस्मेटिक्स (मेकअप, क्रीम, लोशन और अन्य)
  • सभी तरह के टॉयलेटरीज (Toiletries)

सरकार ने नियमों में क्या बदलाव किया?

केंद्र सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 में जरूरी संशोधन करके इस नए लेबलिंग सिस्टम को नोटिफाई किया है। अब भारत में इन सामानों को बनाने वाली (मैन्युफैक्चरर्स) और बेचने वाली कंपनियों को नए नियमों के हिसाब से ही पैकेजिंग बाजार में लानी होगी।