क्या बार-बार पंखा-लाइट ON-OFF करने से बढ़ता है बिजली का बिल? कई समय से चली आ रही इस बात का जानें पूरा सच

Published on 26 सित॰ 2026

क्या बार-बार पंखा-लाइट ON-OFF करने से बढ़ता है बिजली का बिल? कई समय से चली आ रही इस बात का जानें पूरा सच

क्या बार-बार पंखा-लाइट ON-OFF करने से बढ़ता है बिजली का बिल? जानें इस पुराने मिथक का पूरा सच

बिजली का बिल कम करने के लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं. कुछ लोग कमरे से बाहर निकलते ही पंखा और लाइट बंद कर देते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि बार-बार स्विच ऑन-ऑफ करने से बिजली की खपत बढ़ जाती है. यही नहीं, एसी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को लेकर भी लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं हैं. लेकिन हर बात सच हो, यह जरूरी नहीं है। तो आखिर बिजली बचाने का सही तरीका क्या है? आइए समझते हैं.

पंखा-लाइट बार-बार बंद करने से क्या ज्यादा बिजली लगती है?

कई लोगों को लगता है कि पंखे या बल्ब को बार-बार बंद और चालू करने से बिजली की खपत ज्यादा हो जाती है. सामान्य इस्तेमाल में यह बात सही नहीं है. जब पंखा या लाइट बंद होती है तो वह बिजली खर्च नहीं करती.

स्विच दोबारा ऑन करते समय बहुत थोड़े समय के लिए बिजली की खपत हो सकती है, लेकिन यह इतनी कम होती है कि सिर्फ इस वजह से पंखा या लाइट चालू छोड़ना बिजली बचाने का तरीका नहीं है. इसलिए जब कमरे में कोई मौजूद न हो या रोशनी और पंखे की जरूरत न हो, तो इन्हें बंद करना ही बेहतर है. लंबे समय में इससे बिजली की खपत कम करने में मदद मिल सकती है.

पंखे की स्पीड बढ़ाने पर हमेशा ज्यादा बिजली खर्च होगी?

पंखे की स्पीड और बिजली की खपत के बीच संबंध होता है, लेकिन हर पंखे में इसका असर एक जैसा नहीं होता. बिजली की खपत पर पंखे के रेगुलेटर और मोटर की टेक्नोलॉजी का भी असर पड़ता है.

पुराने रेगुलेटर वाले पंखों में स्पीड कम करने पर भी कुछ बिजली गर्मी के रूप में खर्च हो सकती है. वहीं नए इलेक्ट्रॉनिक या ज्यादा एफिशिएंट पंखों में स्थिति अलग हो सकती है. इसलिए सिर्फ पंखे की स्पीड कम रखना ही बिजली बचाने का एकमात्र तरीका नहीं है. बेहतर एफिशिएंसी वाला पंखा इस्तेमाल करना और जरूरत के हिसाब से स्पीड रखना ज्यादा काम की बात है.

चार्जर प्लग में लगा छोड़ने से कितनी बिजली खर्च होती है?

मोबाइल चार्जर या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को प्लग में लगा छोड़ने पर कुछ मामलों में स्टैंडबाय या नो-लोड बिजली की खपत हो सकती है. हालांकि, नए और अच्छी क्वालिटी वाले चार्जर में यह खपत आमतौर पर काफी कम होती है.

फिर भी अगर घर में कई चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लंबे समय तक प्लग में लगे रहते हैं, तो उनकी छोटी-छोटी खपत मिलकर कुल बिजली इस्तेमाल बढ़ा सकती है. इसलिए जिन डिवाइसों की लंबे समय तक जरूरत नहीं है, उन्हें सिर्फ स्टैंडबाय पर छोड़ने के बजाय पूरी तरह बंद करना बेहतर रहता है.

बिजली बचाने का सबसे आसान तरीका क्या है?

बिजली का बिल कम करने के लिए किसी एक ट्रिक पर निर्भर रहने के बजाय रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. कमरे से बाहर निकलते समय लाइट और पंखा बंद करें और एसी को जरूरत के हिसाब से चलाएं. इसके अलावा LED बल्ब और ज्यादा एफिशिएंसी वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल करना भी मददगार हो सकता है. ऐसे डिवाइस जिन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है, उन्हें लगातार स्टैंडबाय मोड में रखने से बचें.

कुल मिलाकर, बिजली बचाने का सबसे आसान तरीका यही है कि जिस डिवाइस की जरूरत नहीं है, उसे बंद कर दें. बार-बार स्विच ऑन-ऑफ करने से होने वाली मामूली शुरुआती खपत के डर से पंखा या लाइट बेवजह चालू छोड़ना बिजली बचाने का सही तरीका नहीं है.

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आयुषी चतुर्वेदी

आयुषी चतुर्वेदी

आयुषी चतुर्वेदी tv9hindi.com में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हैं. यहां बिजनेस ऑटोमोबाइल के अलावा टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती हैं. इससे पहले ET Now Swadesh Digital में Copy Editor थीं. इन्होंने अपना करियर जागरण न्यू मीडिया के साथ शुरू किया. Ayushi ने International School of Media & Entertainment Studies (ISOMES) से बैचलर ऑफ मॉस कम्युनिकेशन की डिग्री ली है. पिछले 3 साल से ये बिजनेस ऑटो टेक्नोलॉजी की खबरें कवर करती आ रही हैं. इन्हें सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना काफी पंसद है. इन्होंने Auto, Tech में कई ऑनलाइन ऑफलाइन इवेंट भी कवर किए हैं. इन्हें ड्राइविंग और रिव्यू करना पसंद है. Ayushi को किताबें पढ़ने में रुचि हैं.

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