
OpenAI GPT-5.6Image Credit source: Cheng Xin/Getty Images
ओपनएआई ने अपने एडवांस्ड एआई मॉडल जीपीटी-5.6 सोल के लिए नया अल्ट्राफास्ट मोड लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इस मोड में मॉडल स्टैंडर्ड प्रोसेसिंग के मुकाबले 14 गुना तक तेज काम कर सकता है. इससे यूजर्स को जवाब और एआई आउटपुट काफी तेजी से मिलेंगे. नया मोड खास तौर पर उन यूजर्स के लिए बनाया गया है, जिन्हें छोटे एआई मॉडल पर स्विच किए बिना ज्यादा तेज स्पीड चाहिए. फिलहाल इसे एपीआई के जरिए प्रीव्यू के तौर पर उपलब्ध कराया गया है.
14 गुना तक तेज हुआ जीपीटी-5.6 सोल
ओपनएआई ने ब्लॉग पोस्ट के जरिए जीपीटी-5.6 सोल के लिए अल्ट्राफास्ट को नया सर्विस टियर बताया है. कंपनी के मुताबिक, अल्ट्राफास्ट मोड में जीपीटी-5.6 सोल स्टैंडर्ड प्रोसेसिंग की तुलना में 14 गुना तक तेज हो सकता है. कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स हर सेकंड ज्यादा उपयोगी काम कर पाएंगे. अल्ट्राफास्ट मोड उन लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो ज्यादा क्षमता वाले एआई मॉडल की क्वालिटी बनाए रखते हुए तेज आउटपुट चाहते हैं.
750 टोकन प्रति सेकंड की स्पीड
ओपनएआई के अनुसार, अल्ट्राफास्ट मोड 750 आउटपुट टोकन प्रति सेकंड तक जनरेट कर सकता है. टोकन एआई मॉडल में टेक्स्ट की एक बेसिक यूनिट होती है और ज्यादा काम करने पर ज्यादा टोकन की जरूरत पड़ती है. यह मोड उन कामों में खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, जहां स्पीड बेहद जरूरी है. इसमें किसी आउटेज के दौरान एप्लिकेशन लॉग, हालिया कोड बदलाव और इंजीनियर रिपोर्ट का विश्लेषण करना, बदलती परिस्थितियों में ट्रांजैक्शन और संदिग्ध गतिविधियों को देखना या ग्राहकों की समस्याओं को रियल टाइम में हल करना शामिल है.
डेवलपर्स और कंपनियों के लिए उपयोगी
ओपनएआई के अपने डेवलपर्स भी घटनाओं के दौरान अल्ट्राफास्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, इससे लॉग पढ़ने, ट्रेस का विश्लेषण करने, बातचीत को संक्षेप में समझने, अगले जरूरी चेक की पहचान करने और किसी फिक्स को तैयार या जांचने में मदद मिली है. ओपनएआई का कहना है कि इस मोड ने उसकी रिसर्च प्रक्रिया को भी तेज किया है, जो पहले रातभर चलती थी. फिलहाल अल्ट्राफास्ट एपीआई के जरिए प्रीव्यू में जारी किया गया है और कंपनी शुरुआती ग्राहकों के साथ इसका परीक्षण कर रही है.
किन कंपनियों को मिलेगा एक्सेस?
अल्ट्राफास्ट का शुरुआती परीक्षण कोडिंग, कॉमर्स, वित्तीय रिसर्च, सपोर्ट और अन्य इंटरैक्टिव एप्लिकेशन से जुड़ी कंपनियों के साथ किया जा रहा है. इनमें जेन स्ट्रीट, पोडियम, बेसिस और रोगो जैसी कंपनियां शामिल हैं. कंपनियां वेटलिस्ट में शामिल होने के लिए अपने वर्कलोड, लेटेंसी की जरूरत और अनुमानित इस्तेमाल जैसी जानकारी साझा कर सकती हैं. ओपनएआई इसी शुरुआती रोलआउट से यह समझने की कोशिश कर रहा है कि ज्यादा स्पीड से वास्तविक प्रोडक्ट्स को कितना फायदा होता है. फिलहाल कंपनी ने अल्ट्राफास्ट के टोकन की कीमत की जानकारी नहीं दी है.
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विशाल मैथिल
भोपाल के रहने वाले हैं. कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन और मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम रखा. दैनिक भास्कर से शुरुआत हुई. इसके बाद टाइम्स नाउ नवभारत और अमर उजाला जैसे संस्थान में टेक जर्नलिस्ट के दौर पर करने के बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़े हैं. सोशल मीडिया कैंपेन को लीड करने और हिंदी मैग्जीन में भी काम करने का मौका मिला. फिलहाल टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्टफोन की खबरें आप तक आसान भाषा में पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गैजेट्स कंपेरिजन, गैजेट्स रिव्यूज और मोबाइल रिचार्ज जैसे टॉपिक्स पर भी अच्छी पकड़ रखते हैं. रिसर्च, एक्सप्लेनर, डाटा स्टोरी और इंफोग्राफिक्स के साथ जटिल खबरों को आसानी से कहने और टेक जगत की छोटी-बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाने का हुनर रखते हैं. गैजेट्स के अलावा किताबों और म्यूजिक में भी खूब मन लगता है.
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