शिक्षक दिवस के मौके पर एक ओर देशभर में शिक्षक सम्मानित किए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर बिहार के सरकारी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करते नजर आए।
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पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन (BSTA) के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
बैनर-तख्तियां लेकर शिक्षकों ने निकाला पैदल मार्च
शिक्षक नेता प्रियरंजन के नेतृत्व में शिक्षक बैनर और तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे। पैदल मार्च के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। शिक्षक दिवस के दिन हुए इस प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि उन्हें अब तक सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। शिक्षकों ने सरकार से सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग की। उनका आरोप था कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई। उनका कहना था कि पुरानी पेंशन समेत सेवा से जुड़ी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
सरकार की ओर से आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा।
'शिक्षकों की समस्याएं पहले दूर करे सरकार'
शिक्षक नेता प्रियरंजन ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार शिक्षकों के सम्मान की बात करती है, उसे पहले उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने चेतावनी दी कि सातवें वेतनमान का लाभ, OPS लागू करने और सेवा से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। शिक्षकों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ प्रदर्शन
शिक्षक दिवस पर हुए प्रदर्शन के कारण शहर में कुछ देर तक हलचल की स्थिति बनी रही। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ। शिक्षकों ने सरकार को संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा।