Published: Wednesday, October 7, 2026, 21:21 [IST]
Hingoli Indian Oil Retail Sales Manager Mahesh Shelke Murder: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में पेट्रोल पंप सील करने पहुंचे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के मैनेजर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक के बेटे ने अधिकारी पर सात बार चाकू से हमला किया। मैनेजर के पेट, पीठ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। वह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने साथियों के साथ कार से फरार हो गया।
मृतक की पहचान इंडियन ऑयल के रिटेल सेल्स मैनेजर महेश शेल्के (Mahesh Shelke)के रूप में हुई है। घटना मंगलवार शाम हिंगोली जिले के चोंधी इलाके की है। शेल्के अधिकारियों की टीम के साथ करीब तीन महीने से बंद पड़े पेट्रोल पंप को सील करने और उसका कब्जा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पेट्रोल पंप संचालक के परिवार से विवाद हो गया। आरोप है कि संचालक के बेटे उमेश पांडवीर ने गुस्से में आकर शेल्के पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
Hingoli Petrol Pump Murder: पहले जानिए, पेट्रोल पंप पर आखिर हुआ क्या था?
हिंगोली जिले के चोंधी इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप करीब तीन महीने से बंद था। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी खामियों के चलते पंप का संचालन बंद किया गया था। मंगलवार शाम इंडियन ऑयल के रिटेल सेल्स मैनेजर महेश शेल्के अधिकारियों की टीम के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे। टीम को पंप का कब्जा लेकर उसे सील करना था। इस दौरान पेट्रोल पंप संचालक साहेबराव पांडवीर के परिवार ने अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की अपील की। परिवार का कहना था कि पेट्रोल पंप दोबारा चालू करने के लिए उन्हें एक महीने का और समय दिया जाए। हालांकि, अधिकारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
बहस के बीच निकाला चाकू, मैनेजर पर किए 7 वार
पुलिस के मुताबिक, पेट्रोल पंप सील करने को लेकर विवाद बढ़ने पर संचालक साहेबराव पांडवीर का बेटा उमेश पांडवीर कथित तौर पर आक्रामक हो गया। आरोप है कि उसने धारदार हथियार निकालकर महेश शेल्के पर हमला कर दिया। हमलावर ने शेल्के के शरीर पर एक के बाद एक सात वार किए। उनके पेट, पीठ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शेल्के गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। पुलिस के मुताबिक, चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ, जब शेल्के अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभा रहे थे।
CCTV में कैद हुई वारदात के बाद की गतिविधियां
घटना के बाद पेट्रोल पंप परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, फुटेज में हमले के बाद आरोपी और कुछ अन्य लोग दो कारों में बैठकर घटनास्थल से निकलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है। कुरुंडा पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
3 महीने से बंद था पंप, फिर एक महीने की मोहलत क्यों मांगी?
इस हत्याकांड के पीछे पेट्रोल पंप के संचालन को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तकनीकी खामियों के कारण पंप करीब तीन महीने से बंद था। इंडियन ऑयल की टीम पंप का कब्जा लेने और उसे सील करने पहुंची थी। दूसरी ओर, संचालक का परिवार कारोबार दोबारा शुरू करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांग रहा था। जब अधिकारियों ने कथित तौर पर मोहलत देने से इनकार किया, तो विवाद बढ़ गया।
इंडियन ऑयल के चेयरमैन बोले- ड्यूटी के दौरान साथी की हत्या से दुखी हूं
घटना के बाद इंडियन ऑयल के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने महेश शेल्के की हत्या पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि शेल्के अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला किया गया। साहनी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कंपनी ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने मामला उठाया है। इंडियन ऑयल ने आरोपियों के खिलाफ जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की है। कंपनी ने यह भी कहा कि वह इस मुश्किल समय में महेश शेल्के के परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
हरदीप सिंह पुरी बोले- ऐसी हिंसा स्वीकार नहीं
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि महेश शेल्के इंडियन ऑयल की उस टीम का हिस्सा थे, जो हिंगोली जिले में एक रिटेल आउटलेट का कब्जा लेने गई थी। इसी दौरान उन पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। पुरी ने घटना को हिंसा का गंभीर और अस्वीकार्य कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय और इंडियन ऑयल मृतक के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मामला उठाया गया है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
अब पुलिस के सामने 4 बड़े सवाल
- पहला सवाल- क्या हमला पहले से तय था?
- दूसरा सवाल- चाकू लेकर कौन आया था?
- तीसरा सवाल- आरोपी के साथ और कौन मौजूद था?
- चौथा सवाल- पेट्रोल पंप बंद करने की असली वजह क्या थी?