'PM मोदी आप पूरी तरह फेल हो गए, आपसे ये उम्मीद नहीं थी!', BJP छोड़ते ही शहजाद पूनावाला ने अचानक ऐसा क्यों कहा?

Published on 1 अग॰ 2026

Time Published: Saturday, August 1, 2026, 18:21 [IST]

shehzad Poonawalla: "दोस्तों, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत निराश हूं। वे 12 साल में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।" सोशल मीडिया पर पूर्व बीजेपी नेता और प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का यह बयान आते ही सनसनी मच गई। पहली नजर में लगा कि शहजाद पूनावाला ने पाला बदल लिया है, लेकिन जब उन्होंने अपनी बात पूरी की, तो समझ आया कि यह तो विरोधियों पर एक बहुत तीखा और कड़ा तंज था।

शहजाद पूनावाला ने ये बातें वीडियो बनाकर कही है। उनका ये वीडियो इसलिए भी वायरल हो रहा है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले 31 जुलाई को उन्होंने बीजेपी के प्रवक्ता पद छोड़ा था। दरअसल शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले 'लेफ्ट-लिबरल' और विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए यह वीडियो बनाया है। आइए समझते हैं कि शहजाद ने आखिर पीएम मोदी को 'फेल तानाशाह' क्यों कहा?

shehzad Poonawalla

'तानाशाह बनना आपके बस की बात नहीं है PM मोदी'

शहजाद पूनावाला ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बहुत ही तीखे कटाक्ष का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पीएम मोदी को तानाशाह कहता है, लेकिन पीएम मोदी तानाशाही का 'त' भी नहीं जानते।

शहजाद पूनावाला ने कहा,

"पीएम मोदी आप तानाशाह बनने में पूरी तरह फेल रहे। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जिन बच्चों ने आपको, संवैधानिक पदों को और आपकी दिवंगत मां को भद्दी गालियां दीं, आपने 31 जुलाई की रात वीडियो जारी कर उन्हें 'शरारती बच्चे' बताकर माफ कर दिया! आपने तो उन लेफ्ट-लिबरल्स की तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया जो आपको तानाशाह साबित करना चाहते थे।"

जंतर-मंतर पर जेन-जी (Gen-Z) और छात्रों के बड़े आंदोलन के बाद, जिसके दबाव में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, पीएम मोदी ने एक संदेश जारी कर प्रदर्शनकारी युवाओं को माफ करने की बात कही थी।

राहुल गांधी और नेहरू-गांधी परिवार पर साधा निशाना

तंज कसने के बाद शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके परिवार के इतिहास पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर सच में तानाशाही देखनी है, तो इतिहास के पन्नों को पलटना चाहिए।

शहजाद पूनावाला ने कहा,

"राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के वंशज हैं। असली तानाशाही और इमरजेंसी क्या होती है, यह राहुल गांधी से सीखना चाहिए। उनके परिवार का इतिहास उठाकर देख लीजिए। 2011-12 का अन्ना हजारे आंदोलन याद कर लीजिए या फिर केरल और तेलंगाना जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में इंस्टाग्राम पोस्ट और छात्र प्रदर्शनों पर दर्ज हो रहे मुकदमों को देख लीजिए।"

शहजाद पूनावाला का यह तंज संसद में हुए एक हालिया विवाद से भी जुड़ा हुआ है। 20 जुलाई को छात्रों के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल उठाए थे।

इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 29 जुलाई को संसद में कहा था कि इमरजेंसी के दौरान उन्हें खुद अपनी क्लासरूम से कई बार गिरफ्तार किया गया था और छात्र कार्यकर्ताओं के लिए जेल जाना उस वक्त 'आम बात' थी।

जेपी नड्डा के इस बयान को पकड़कर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रंका ने एक्स (X) पर घेरा। आशुतोष रंका ने तंज कसते हुए पूछा- "क्या आपका मतलब यह है कि देश पिछले 50 सालों में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा है?"