Aug 15, 2026 01:07 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
NSA अजीत डोभाल के मुताबिक, पहलगाम में 26 लोगों की जान लेने वाले कायरतापूर्ण आतंकी हमले के समय पीएम मोदी सऊदी अरब में थे। वे दौरा छोटा कर तुरंत भारत लौटे।

पहलगाम में 26 लोगों की जान लेने वाले कायरतापूर्ण आतंकी हमले के समय पीएम मोदी सऊदी अरब में थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) की रणनीतिक फैसलों और उसकी अंदरूनी कहानी से पर्दा उठाया है। डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज "Declassified: Operation Sindoor" को दिए एक विशेष इंटरव्यू में एनएसए डोभाल ने खुलासा किया कि पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला सवाल था- "इस हमले के पीछे कौन है? जिम्मेदार लोगों के बारे में तुरंत पूरी जानकारी चाहिए।"
यह इंटरव्यू 15 अगस्त 2026 (शनिवार) की रात 9 बजे डिस्कवरी और discovery+ पर प्रीमियर हो रहा है, जिसमें भारत के सैन्य और सुरक्षा नेतृत्व ने 88 घंटे चले इस सैन्य अभियान के हर पहलू को उजागर किया है।
एयरपोर्ट पर इमरजेंसी बैठक और 'ऑपरेशन सिंदूर' का फैसला
एनएसए डोभाल के मुताबिक, पहलगाम में 26 लोगों की जान लेने वाले कायरतापूर्ण आतंकी हमले के समय पीएम मोदी सऊदी अरब में थे। वे दौरा छोटा कर तुरंत भारत लौटे।
अजीत डोभाल ने कहा, "प्रधानमंत्री दिल्ली एयरपोर्ट उतरे, जहां विदेश सचिव और हम उन्हें रिसीव करने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर ही एक इमरजेंसी बैठक हुई। पीएम सबसे पहले सारे तथ्य जानना चाहते थे। उनका पहला सवाल मुझसे था- 'यह किसने किया है? कौन जिम्मेदार है? अपराधियों के बारे में पूरी स्पष्टता होनी चाहिए, मुझे यह तुरंत चाहिए।'"
उन्होंने दुनिया को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है और अंजाम की परवाह किए बिना करारा प्रहार कर सकता है।"
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 7 मई की तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी कैंपों पर सटीक हवाई और सैन्य हमले शुरू किए।
पाकिस्तान समर्थित आतंकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करना। भारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने भी आक्रामक कदम उठाने की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने और बड़े जवाबी हमले किए।
दो परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच यह सैन्य संघर्ष लगातार 88 घंटे तक चला, जो 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच एक सहमति बनने के बाद खत्म हुआ।
आखिरी बूंद खून तक लड़ेंगे: NSA डोभाल
डॉक्यूमेंट्री में डोभाल ने भारत की संप्रभुता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया।
उन्होंने कहा, "एक बार जब कोई संघर्ष शुरू होता है, तो राष्ट्र अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जहां तक आवश्यक हो, वहां तक जाने को तैयार है। इसकी कोई सीमा नहीं है। हम खून की आखिरी बूंद तक लड़ते हैं।"
NSA ने आगे कहा, "जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी भी एक्टिव है, तो उनका स्पष्ट मतलब है कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी जब तक आखिरी आतंकवादी को खत्म न कर दिया जाए।"
